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रांची/डेस्क: शराब घोटाले से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. CBI जांच की मांग वाली PIL पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सरकार ने मामले की मेंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाए. कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया. कोर्ट ने कहा- CBI जांच की मांग से पहले FIR दर्ज कराने का प्रयास आवश्यक है. इस मामले में FIR दर्ज कराने का प्रयास नहीं हुआ है.
वहीं, याचिकाकर्ता ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया. सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों का उल्लेख किया. कोर्ट ने PIL दाखिल करने से पहले आवश्यक शर्तें पूरी नहीं होने की बात कही.
मामले में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय और अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा. उन्होंने कहा- इस मामले में प्रीलिमिनरी ऑब्जेक्शन फाइल करेंगे. जिसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की.
बाबूलाल मरांडी की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है. CBI जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है. याचिका में झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं. याचिका में 1000 करोड़ से अधिक के घोटाले का दावा किया गया है.
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