बयान

विनाशलीला के लिए मानव खुद जिम्मेदार, चीन की नीतियों और ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा - जेकेएम अध्यक्ष

जेकेएम के केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने मेदिनीनगर में एक प्रेस बयान किया जारी

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
विनाशलीला के लिए मानव खुद जिम्मेदार, चीन की नीतियों और ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा - जेकेएम अध्यक्ष

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क: झारखंड क्रांति मंच (जेकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने सोमवार को मेदिनीनगर में एक प्रेस बयान जारी कर नेपाल में हाल ही में आई भीषण जल प्रलय पर गहरी संवेदना व्यक्त की है.  उन्होंने 27 अगस्त 2026 को आई इस भयावह प्राकृतिक विभीषिका में नेपाल, भारत, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका सहित दुनिया के कई देशों के नागरिकों की दुखद मौत पर शोक जताया.

शत्रुघ्न ने कहा कि पर्यावरण के साथ अमानवीय खिलवाड़ और उससे उत्पन्न ग्लोबल वार्मिंग इस भीषण तबाही का मुख्य कारण है. उन्होंने बताया कि चीन अधिकृत तिब्बत वाले हिमालयन क्षेत्र में हिम ग्लेशियर टूटने से अप्रत्याशित बाढ़ आई, जिससे नेपाल को न केवल हजारों जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा, बल्कि कई जल विद्युत परियोजनाएं, पुल-पुलिया, सड़कें और संचार तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जिससे अरबों रुपये की क्षति हुई है.

बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि चीन द्वारा तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में सैन्य प्रतिष्ठानों तथा कथित विकास परियोजनाओं के नाम पर अंधाधुंध जंगलों व पहाड़ों की कटाई की जा रही है. इस मानवीय हस्तक्षेप से तापमान बढ़ रहा है और ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. इससे नेपाल ही नहीं, बल्कि भारत का बिहार राज्य भी हमेशा जल प्रलय की आशंका से घिरा रहेगा. उन्होंने कहा कि यदि चीन समय रहते नेपाल को चेतावनी देता, तो निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी.

जेकेएम अध्यक्ष ने वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी आपदाओं के लिए चीन की विस्तारवादी नीति के साथ-साथ रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष में इस्तेमाल हो रहे आधुनिक मिसाइलों व ड्रोनों के कारण भी पृथ्वी का वातावरण लगातार गर्म हो रहा है. इसके अलावा उन्होंने पूंजीवादी नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर केवल खोखले नारे दिए जा रहे हैं, जबकि हकीकत में कॉर्पोरेट लाभ के लिए लाखों पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही है.

अंत में, उन्होंने नेपाल त्रासदी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई राहत सामग्री और आपातकालीन उपकरणों के निर्णय का स्वागत किया. साथ ही, इस आपदा में अभी तक लापता हैदरनगर निवासी महेंद्र विश्वकर्मा सहित झारखंड के सभी गुमशुदा लोगों की शीघ्र खोजबीन और सुरक्षित वापसी के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जोरदार मांग की.

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