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दो साल से अधर में सड़क निर्माण, आजसू नेता ने CM समेत अधिकारियों को लिखा पत्र, जांच की मांग

जेवियर स्कूल से हुमटा ग्राम तक की सड़क पिछले दो वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. दो साल पहले टेंडर होने के बावजूद आज तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है.

By : Vaibhaw Vikram
दो साल से अधर में सड़क निर्माण, आजसू नेता ने CM समेत अधिकारियों को लिखा पत्र, जांच की मांग

न्यूज11 भारत
बुंडू/डेस्क:
जेवियर स्कूल से हुमटा ग्राम तक की सड़क पिछले दो वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. दो साल पहले टेंडर होने के बावजूद आज तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. इस गंभीर जनसमस्या को लेकर आजसू पार्टी के रांची जिला वरीय उपाध्यक्ष राजकिशोर कुशवाहा ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक (तमाड़ विधानसभा), DC (रांची) और कार्यपालक अभियंता (पथ निर्माण विभाग, रांची ग्रामीण) को पत्र लिखकर इस समस्या के त्वरित समाधान और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. 

राजकिशोर कुशवाहा ने तमाड़ विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि शायद स्थानीय विधायक को अपने क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा की जानकारी नहीं है, इसलिए पत्र के माध्यम से उन्हें इस ओर अवगत कराया गया है ताकि वे गहरी नींद से जागें.
 
कागजों पर निर्माण का संशय, धरातल पर तालाब बनी सड़क
पत्र में कुशवाहा ने उल्लेख किया है कि दो वर्ष पूर्व सड़क निर्माण का टेंडर होने के बाद शिलान्यास पट का आधार भी बनाया गया था, लेकिन आधिकारिक शिलान्यास आज तक नहीं हुआ. इस बीच ठेकेदार और विभाग द्वारा सिर्फ 'खानापूर्ति' के लिए दो बार काम शुरू करने का दिखावा किया गया. सड़क के दोनों ओर मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया और कहीं-कहीं सिर्फ गिट्टी (मेटल) गिरा दी गई, जिसने स्थिति को और भयावह बना दिया है.

 वर्तमान में स्थिति यह है
हल्की बारिश में भी सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है. स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है. आपातकालीन संकट: सड़क की बदहाली के कारण कोई भी वाहन या एम्बुलेंस गांव में आने को तैयार नहीं होते, जिससे मरीजों की जान पर बन आ रही है. ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश और संशय है. अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से इस सड़क का निर्माण सिर्फ कागजों (फाइलों) में ही तो नहीं समेट दिया गया है?

 आजसू नेता ने की ये प्रमुख मांगें
ग्रामीणों की गंभीर परेशानी को देखते हुए उक्त सड़क का नवनिर्माण यथाशीघ्र (तुरंत) शुरू कराया जाए. टेंडर होने के बावजूद कार्य को जानबूझकर लटकाने वाले संवेदक (ठेकेदार) और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो. इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए कि कार्य में देरी या अनियमितता के पीछे कहीं विभागीय भ्रष्टाचार तो नहीं है. 'अगर इस जनहित के कार्य को जल्द से जल्द शुरू नहीं किया गया, तो हुमटा ग्राम और बुंडू क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर आजसू उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी.'

यह भी पढ़ें: शिव मंदिर में निकला विशाल नाग, दर्शन के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
 

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