108 स्कॉच सम्मान

झारखंड के स्वास्थ्य विभाग को मिला देश का प्रतिष्ठित 'स्कॉच अवार्ड'

मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने इस अवार्ड के लिए अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य मिशन, अभियान निदेशक और पूरी टीम को बधाई दी

By : Ark Sahuliyar
झारखंड के स्वास्थ्य विभाग को मिला देश का प्रतिष्ठित 'स्कॉच अवार्ड'

न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क:
झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर राज्य का नाम रोशन किया है. नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट और नवोन्मेषी कार्यों के लिए देश के प्रतिष्ठित 'स्कॉच अवार्ड' गोल्डन कैटेगरी के अंतर्गत दो अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया है. यह सम्मान प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार प्रो. महेंद्र देव और भारत सरकार के कानून एवं न्याय विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार द्वारा एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह, अकय मिंज, राज्य कार्यक्रम समन्वयक, अजय कुमार शर्मा, मीडिया परामर्शी, विकाश नाथ, एकजुट एवं प्रीतिश नायक, यूनिसेफ ने संयुक्त रूप से यह स्कॉच अवार्ड लिया.

झारखंड को यह दोहरा पुरस्कार एचबीएनसी/एचबीवाईसी कार्यक्रम और प्रचार वाहन (टीआईटी) नवाचार के लिए प्रदान किया गया है. अभियान के तहत पूरे राज्य के 24 जिलों में 24 विषयों पर विशेष प्रचार वाहनों को 4 महीने तक चलाया गया, जिसमें प्रतिदिन वाहनों के माध्यम से ट्रेनरों को भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 192 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए और 5,576 लोगों को प्रशिक्षित किया गया. इन प्रचार वाहनों का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव घूमकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना और आईसी सामग्रियों को समय पर व सुगमतापूर्वक सही स्थान तक पहुंचाना था.

इसके साथ ही राज्य को समेकित एचबीएनसी और एचबीवाईसी कार्यक्रम में विशिष्ट उपलब्धि के लिए भी स्कॉच गोल्ड अवार्ड से नवाजा गया है. इस संबंध में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत राज्य की सहियाओं और सेविकाओं के संयुक्त प्रयास से एमटीसी और एसएनसीयू में रेफरल दर में 50 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. वर्तमान में 'सहिया ऐप' और 'शिशु पोषण ट्रैकर' के माध्यम से डिजिटल रूप से डेटा संधारित किया जा रहा है, जिससे हर बच्चे और मां की सटीक निगरानी, उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित हो रहा है. इसी जमीनी प्रयास का परिणाम है कि झारखंड में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में अपेक्षाकृत उल्लेखनीय कमी आई है. 

पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अभियान निदेशक ने इस बड़ी सफलता को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार नए-नए नवाचार कर रहा है ताकि आम लोगों को उनके ही क्षेत्र में न्यूनतम खर्च पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे. विदित हो कि स्कॉच (SKOCH) भारत का एक प्रमुख स्वतंत्र थिंक-टैंक और कंसल्टेंसी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी. यह संस्था मुख्य रूप से देश में बेहतर शासन, डिजिटल नवाचार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक-आर्थिक विकास के क्षेत्र में काम करती है. जिसके चयन की प्रक्रिया बेहद कड़ी और पारदर्शी होती है. यह पुरस्कार उन सरकारी विभागों, राज्य सरकारों या संगठनों को प्रदान किया जाता है जो सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने और जनहित के लिए धरातल पर कोई असाधारण, नवोन्मेषी या अनोखा कार्य करते हैं.

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