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चतरा/डेस्क: चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में हुई मॉब लिंचिंग की घटना पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनिमेष नैथानी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. भीड़ द्वारा पीट-पीटकर युवक मो. इमरोज की हत्या के मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो दारोगा और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. सस्पेंड होने वालों में टंडवा थाने के एसआई सुनील सिंह, महिला एसआई दुलारी पूर्ति, आरक्षी दशरथ महतो और प्रदीप कुमार शामिल हैं. इन सभी को पुलिस केंद्र चतरा भेज दिया गया है और इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं.
दरअसल, नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में उग्र भीड़ ने इमरोज और उसके पिता सुल्तान मियां पर जानलेवा हमला किया था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच में यह साफ हुआ कि मौके पर मौजूद इन पुलिसकर्मियों ने दोनों को उग्र भीड़ से बचाने का कोई भी सार्थक प्रयास नहीं किया. गंभीर रूप से घायल इमरोज की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पुलिस की कार्यशैली पर उठते सवालों के बाद टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बड़वार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने यह सख्त कदम उठाया है.
इस मामले में पुलिस अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है.