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बगोदर/डेस्क: बगोदर प्रखंड की तिरला पंचायत निवासी प्रवासी श्रमिक लालचंद महतो की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठी है.
मृतक के परिजन बगोदर विधायक एवं विपक्ष के सचेतक नागेन्द्र महतो से मिले और पूरे मामले से उन्हें अवगत कराया. परिजनों के अनुसार लालचंद महतो इसी वर्ष जनवरी 2026 में रोजगार के सिलसिले में दुबई गए थे. वहां काम के दौरान उनका पासपोर्ट खो गया, जिसके बाद कंपनी ने उन्हें नौकरी से हटा दिया. रोजगार छूटने के बाद वे लंबे समय तक आर्थिक संकट से जूझते रहे और असहाय स्थिति में जीवनयापन कर रहे थे.
परिजनों ने बताया कि 28 फरवरी 2026 के बाद से उनका लालचंद से कोई संपर्क नहीं हो सका. बाद में 5 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि दुबई में एक सड़क किनारे फुटपाथ के नीचे उनका शव बरामद हुआ है. स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक नागेन्द्र महतो ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. साथ ही उन्होंने दुबई स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक भारत भेजने का अनुरोध किया है.
विधायक ने अपने पत्र में संबंधित कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, मृतक के लंबित वेतन, मृत्यु संबंधी सभी वैधानिक लाभ तथा नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है.
उन्होंने कहा कि लालचंद महतो के निधन से उनका परिवार गहरे मानसिक आघात और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है. ऐसे में केंद्र सरकार मानवीय आधार पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने, दोषी पक्ष की जवाबदेही तय करने तथा पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करे.
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