विकास की मांग

विधायक सविता महतो ने भू-अर्जन एवं पुनर्वास से संबंधित बैठक में 116 गांव के सम्पूर्ण पुनर्वास व नियोजन का किया मांग

सभी पुनर्वास स्थलों को विकसित व विस्थापितों का आय, जाती एवं आवासीय प्रमाणपत्र निर्गत करने का दिए निर्देश

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
विधायक सविता महतो ने भू-अर्जन एवं पुनर्वास से संबंधित बैठक में 116 गांव के सम्पूर्ण पुनर्वास व नियोजन का किया मांग

संतोष कुमार/न्यूज11 भारत

चांडिल/डेस्क: प्रशासक स्वर्णरेखा परियोजना राजीव रंजन एवं विधायक सविता महतो की संयुक्त अध्यक्षता में सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन एवं पुनर्वास से संबंधित बैठक सुवर्णरेखा परियोजना,  कार्यालय कक्ष में आज  आयोजित की गयी. बैठक में भू-अर्जन, पुनर्वास एवं विस्थापितों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में ईचागढ़ विधायक सविता महतो, संयुक्त सचिव-सह-अपर निदेशक (भू-अर्जन एवं पुनर्वास), अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, भूमि अर्जन पदाधिकारी, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, पुनर्वास पदाधिकारी, केंद्रीय भंडार एवं शिविर प्रमंडल, बांध प्रमंडल, सुवर्णरेखा नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं सहित परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारि शामिल हुए.

बैठक में विधायक सविता महतो ने प्रशासन एवं विभाग के समक्ष 19 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित पुनर्वास, मुआवजा, भू-अर्जन, रोजगार एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को न्याय मिल सके. विधायक ने मांग की कि 84 मौजा के 116 गांवों में विकास पुस्तिका एवं पुनर्वास अनुदान के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए. परियोजना से प्रभावित शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति मिले तथा इंडो डेनिश टूल रूम से प्रशिक्षित लगभग 400 युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए. सभी 22 पुनर्वास स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने, आरएल-171 से 192 मीटर तक प्रभावित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से विकास पुस्तिका एवं अनुदान देने तथा पुनर्वास स्थलों से अवैध कब्जा हटाकर वास्तविक विस्थापितों को भू-खंड आवंटित करने की भी मांग की गई.

इसके अलावा विधायक ने भू-खंड आवंटन समिति की नियमित बैठक कराने, पूर्ण पुनर्वास होने तक जलाशय का जलस्तर आरएल-180 मीटर से नीचे रखने, आंशिक रूप से प्रभावित गांवों में खेल मैदान विकसित करने तथा चांडिल डैम के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स, रिसॉर्ट एवं ठहरने की सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी. साथ ही उन्होंने पुनर्वास कार्यालय पर प्रशासक का संपूर्ण नियंत्रण एवं परियोजना में तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का 5 वर्ष पर स्थानांतरण करने का मांग किया. उन्होंने कहा कि विस्थापितों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सरकार और विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए. समीक्षा के दौरान प्रशासक राजीव रंजन ने सभी पुनर्वास स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने तथा परियोजना प्रभावित विस्थापितों का आय, जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र शीघ्र निर्गत कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए. इस अवसर पर झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, मुखिया राखहरि सिंह मुंडा, मुखिया प्रतिनिधि सैनिक मांझी, अभय यादव, गुणाधर महतो, पशुपति बागची, सुकदेव महतो, विष्णु महतो, गोपाल महतो, कालाचांद धीवर आदि ग्रामीण उपस्थित थे. ‎

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