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रांची/डेस्क: ट्रेन की एसी कोच में आपको जो कंबल ओढ़ने के लिए दिया जाता है, उसकी स्वच्छता या हाइजीन को लेकर यदि आपके मन में शंका रहती है, तो यह खबर आपके लिए है. अब ट्रेन के कंबल में कवर भी लगा होगा और हर इस्तेमाल के बाद कवर की सफाई होगी. राजस्थान की राजधानी जयपुर से इसकी शुरुआत भी हो गई है. अभी इसे पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है और आने वाले समय में सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा.
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यात्रियों को खुश करने वाली यह सूचना दी. उन्होंने कहा, 'एक नया प्रयास शुरू हुआ है. रेलवे के सिस्टिम में कंबल का व्यवहार वर्षों से होता रहा है. लेकिन कंबल को लेकर यात्रियों के मन में हमेशा एक संशय रहता था. उसे दूर करने के लिए एक नई शुरुआत हुई है. कंबल के कवर की शुरुआत.'
रेलमंत्री ने आगे कहा, 'जैसा कि हम अपने घर में जब कंबल यूज करते हैं तो हमेशा एक कवर रखते हैं. कंबल कवर की शुरुआत जयपुर में एक गाड़ी में पायलट बेस पर की गई है. एक बार यह प्रयोग सफल हो तो देशभर में आगे फैलाया जाए. अच्छी शुरुआत है, अनुभव के आधार पर आगे लागू किया जाएगा.'
कंबल कवर की शुरुआत जयपुर अहमदाबाद के बीच चलने वाली एक ट्रेन से हुई है. 16 अक्टूबर को काठीपुरा रेलवे स्टेशन पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल हुए. एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को दो चादर, एक कंबल, तकिया, तकिया कवर और तौलिया उपलब्ध कराया जाता है.
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