संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप

NPU कुलपति दिनेश कुमार सिंह पर करीब 10 लाख के एसी खरीदकर अपने आवास में लगवाने का आरोप

एनएसयूआई और आपसू ने मामले में राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
NPU कुलपति दिनेश कुमार सिंह पर करीब 10 लाख के एसी खरीदकर अपने आवास में लगवाने का आरोप

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क:  नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में 11 एसी की खरीद से जुड़े करीब ₹9.27 लाख के खर्च को लेकर आपसू और एनएसयूआई ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर सवाल उठाए. ऑडिट दस्तावेज के अनुसार 11 एसी की खरीद पर ₹8,73,400 तथा एसी लगवाने के नाम पर ₹54,010, कुल ₹9,27,410 का भुगतान किया गया.

छात्र नेताओं ने कहा कि ऑडिट में खरीद और लगवाने की प्रक्रिया से संबंधित कई सवाल उठाए गए हैं. रिकॉर्ड में 04 जुलाई 2025 की आपूर्ति, 08 जुलाई 2025 की प्राप्ति, जबकि एसी लगवाने का तारीख संबंधित दस्तावेज में 22 जून 2025 की तारीख दर्ज है. इस तारीख संबंधी विसंगति पर ऑडिट में भी सवाल उठाया गया है. इसके अलावा जब भवन में पहले से ही केंद्रीकृत वातानुकूलित किया हुआ है  तो आखिर फिर 11 एसी की आवश्यकता बिना वित्त समिति की स्वीकृति के क्यों लगवाया गया. जब एसी का टेंडर प्रशासनिक भवन के कई अधिकारियों के सेल में इंस्टॉल करने का हुआ तो फिर 10 ऐसी कुलपति के आवास के किचन, बाथरूम, हॉल, बेडरूम में क्यों इंस्टॉल किया गया.

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल कुमार दुबे, कमलेश पांडेय और अमरनाथ तिवारी ने कहा कि अब मामला केवल जांच की मांग का नहीं, बल्कि ऑडिट में दर्ज आपत्तियों पर कार्रवाई, जिम्मेदारी तय करने और नियमानुसार राशि की वसूली का है. उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मी की वित्तीय जिम्मेदारी निर्धारित होती है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए तथा जहां नियम लागू हों, वहां राशि की वसूली की जाए.

छात्र नेताओं ने कहा कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ईमेल भेज कर से मिलने का वक्त मांगा है अगर समय नहीं मिलता है तो लोकभवन सचिवालय को ऑडिट में सामने आए बिंदुओं पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए. नेताओं ने कहा कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है.

छात्र नेताओं ने कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और न्यायालय का रुख

आपसू और एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि ऑडिट में दर्ज आपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई और जिम्मेदारी तय नहीं हुई, तो संगठन राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे. इसके साथ ही मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर न्यायालय से सीबीआई से जांच करवाने की बात रखी जाएगी.

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