संतोष श्रीवास्तव/विकास कुमार/न्यूज11 भारत
पलामू/डेस्क: पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत एकौनी गांव में माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए तीन अनाथ बच्चों की सुध अब राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने ली है. इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सोशल मीडिया पर मिले कड़े निर्देश के बाद पलामू उपायुक्त ने त्वरित कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री के आदेश के तुरंत बाद जिले के उपायुक्त (डीसी) खुद अधिकारियों की टीम के साथ हुसैनाबाद के सुदूर एकौनी गांव पहुंचे और पीड़ित बच्चों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया.
मामले की पृष्ठभूमि में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सतीश कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एकौनी गांव के इन तीन अनाथ बच्चों की दयनीय स्थिति से अवगत कराया था, जिन्हें माता-पिता के निधन के बाद गुजर-बसर करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने पलामू उपायुक्त को मामले की जांच करने, बच्चों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने तथा उनके अभिभावकों को सभी आवश्यक सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कड़ा निर्देश जारी किया था.
मुख्यमंत्री का आदेश मिलते ही पलामू जिला प्रशासन पूरी तरह रेस हो गया. उपायुक्त ने एकौनी गांव पहुंचकर बच्चों के रहने-खाने की स्थिति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन बच्चों को अविलंब सभी आवश्यक कल्याणकारी और सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए. उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और उन्हें त्वरित रूप से पेंशन, राशन तथा अन्य आवासीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाए. मुख्यमंत्री की इस त्वरित संवेदनशीलता और जिला प्रशासन की ऑन-स्पॉट कार्रवाई के बाद इन अनाथ बच्चों के जीवन में एक नई उम्मीद जगी है, जिसके लिए स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है.
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