पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: घाघरा सावन की तीसरी सोमवारी एवं नागपंचमी के पावन अवसर पर सोमवार को प्रसिद्ध देवाकी बाबा धाम मंदिर में में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे. दिनभर मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंजते रहे.
घाघरा के प्रसिद्ध देवाकी बाबा धाम मंदिर मंदिर,में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की.
पूजा-अर्चना को लेकर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. सुबह से ही श्रद्धालुओ की लम्बी कतार लगी हुई है भक्तिमय का मौहल वही काफी दूर दूर से श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं घाघरा के प्रसिद्ध देवाकी बाबा धाम मंदिर गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा पेयजल, एवं साफ-सफाई की व्यवस्था की गई थी. वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के जवान भी विभिन्न मंदिरों के आसपास मुस्तैद रहे. श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और सोमवारी के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है.
सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी के अवसर पर पूरा घाघरा क्षेत्र शिवमय नजर आया. सुबह से ही जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा. चारों ओर गूंजते हर-हर महादेव के जयकारों के बीच श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला.
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