संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: नावाबाजार प्रखंड के कंडा पैक्स में धान खरीद के नाम पर करीब 13.87 लाख रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है. पुलिस अनुसंधान में धान खरीद से जुड़ी गड़बड़ी का मुख्य आरोपी पैक्स का कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता सामने आया है. एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पुलिस के अनुसार, कंप्यूटर ऑपरेटर ने कथित तौर पर फर्जी आईडी बनाकर धान की खरीद दिखाई और उसका भुगतान दूसरे खातों में कराया. जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी तरीके से किए गए भुगतान में राहुल की पत्नी और मां के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया गया.
करीब छह हजार क्विंटल धान की हुई थी खरीद
कंडा पैक्स के माध्यम से करीब छह हजार क्विंटल धान की खरीद दिखाई गई थी. पहले चरण में सरकार की ओर से करीब चार हजार क्विंटल धान का भुगतान भी किया जा चुका था. इसके बाद किसानों ने अपनी बकाया राशि के भुगतान के लिए पैक्स पर दबाव बनाना शुरू किया. इसी दौरान धान खरीद और स्टॉक की जांच की गई तो कथित अनियमितताओं का खुलासा हुआ.
जांच में पाया गया कि कागजों पर करीब छह हजार क्विंटल धान की खरीद दर्ज है, जबकि पैक्स के पास करीब 5,500 क्विंटल धान का ही हिसाब उपलब्ध है. करीब 500 क्विंटल धान फर्जी आईडी के माध्यम से खरीदा हुआ दिखाया गया, लेकिन यह धान पैक्स के गोदाम तक पहुंचा ही नहीं. इसके बावजूद करीब 13.87 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया.
पैक्स अध्यक्ष ने दर्ज कराई थी एफआईआर
धान खरीद में गड़बड़ी सामने आने के बाद कंडा पैक्स अध्यक्ष प्रभुनारायण सिंह ने नावाबाजार थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. अनुसंधान के दौरान पुलिस को फर्जी आईडी, भुगतान और धान के स्टॉक में अंतर से जुड़े कई तथ्य मिले.
नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता और उसके एक दोस्त की भूमिका सामने आई है. पुलिस के अनुसार, दोनों को मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच अभी जारी है. पुलिस अन्य लोगों की भूमिका और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही है.
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