न्यूज़11 भारत
पाकुड़/डेस्क: जिले में डेटा आधारित सुशासन को नई दिशा देने और विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी, पारदर्शी क्रियान्वयन तथा साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को सूचना भवन सभागार, पाकुड़ में भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा विकसित NITI TARA पर एक दिवसीय क्षमता संवर्धन एवं उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
जिला योजना शाखा, पाकुड़ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल, जिला योजना पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (लिट्टीपाड़ा), जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
प्रशिक्षण के दौरान नीति आयोग के विशेषज्ञों ने अधिकारियों को NITI TARA के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और व्यावहारिक उपयोगिता की विस्तृत जानकारी दी. इसमें डेटा आधारित योजना निर्माण, विकास योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, प्रमुख विकास संकेतकों का विश्लेषण, समीक्षा तंत्र, प्रदर्शन मूल्यांकन तथा साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया. अधिकारियों को बताया गया कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रशासन को त्वरित और प्रभावी निर्णय लेने में सहायता करेगा.
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने कहा कि वर्तमान समय में विकास की गति केवल योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि उनके डेटा आधारित मूल्यांकन और वैज्ञानिक विश्लेषण से तय होती है. उन्होंने कहा कि NITI TARA जिले के विकास से जुड़े विभिन्न संकेतकों का समग्र विश्लेषण कर प्रशासन को वास्तविक जरूरतों के अनुरूप निर्णय लेने में सक्षम बनाता है.
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों को इस प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के लिए दक्ष बनाना है, ताकि योजनाओं की प्रगति की सतत निगरानी, कमियों की समय पर पहचान और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को और मजबूती मिलेगी.
उप विकास आयुक्त ने कहा कि "डेटा आधारित प्रशासन ही सुशासन की मजबूत आधारशिला है. NITI TARA के माध्यम से जिले के विकास लक्ष्यों की नियमित समीक्षा संभव होगी तथा नीति निर्माण और संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी यह प्लेटफॉर्म अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा. इससे शासन व्यवस्था अधिक उत्तरदायी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनेगी."
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला योजना पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (एडीपी) अमित कुमार, कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल) अनंत प्रसाद सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी चंद्रजीत खलखो, प्रखंड विकास पदाधिकारी (लिट्टीपाड़ा) संजय कुमार, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस), जिला फेलो (पिरामल फाउंडेशन) सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई.