जागरूकता शिविर

डीवीसी उच्च विद्यालय बोकारो थर्मल में गुप्त नवरात्रि के अवसर पर किया गया पॉक्सो जागरूकता शिविर का आयोजन

अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को बच्चे के रूप में परिभाषित करता है

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
डीवीसी उच्च विद्यालय बोकारो थर्मल में गुप्त नवरात्रि के अवसर पर किया गया पॉक्सो जागरूकता शिविर का आयोजन

राजेश कुमार/न्यूज 11 भारत

बोकारो थर्मल बेरमो/डेस्क: राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा प्राचार्य लक्ष्मी नारायण के निर्देश एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ प्रभाकर कुमार के नेतृत्व में बुधवार को गुप्त नवरात्रि के अवसर पर डी वी सी, उच्च विद्यालय बोकारो थर्मल में पॉक्सो जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. पोक्सो अधिनियम 14. नवंबर, 2012 को लागू किया गया था जो 1992 में बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के भारत के अनुसमर्थन के परिणामस्वरूप अधिनियमित किया गया था. यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को बच्चे के रूप में परिभाषित करता है. अधिनियम अपराध की गंभीरता के आधार पर सजा का प्रावधान करता है. बच्चों के साथ होने वाले ऐसे अपराधों को रोकने के उद्देश्य से बच्चों के यौन शोषण के मामलों में मृत्युदंड सहित अधिक कठोर दंड का प्रावधान करने की दिशा में वर्ष 2019 में अधिनियम की समीक्षा तथा इसमें संशोधन किया गया था.

भारत सरकार ने पोक्सो नियम, 2020 को भी अधिसूचित कर दिया है. शिविर में पॉक्सो कानून सहित बच्चों के अधिकारों को बतलाया गया. पॉक्सो एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है. इसलिए एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस बिना किसी वारंट के आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर सकती है. पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले गैर जमानती  होते हैं और संशोधन के बाद अब इसमें अग्रिम जमानत का भी कोई प्रावधान नहीं है. नवरात्रि स्पेशल जागरूकता अभियान में एन एस एस स्वयं सेवक भी शामिल रहे जिनमें अंतरा कुमारी, रिया कुमारी, सोनी कुमारी, सुमीत कुमार सिंह, सोनू कुमार शर्मा, हरिश्चंद्र सिंह, अमन तिवारी, नीतू कुमारी, रेशमा परवीन, काजल कुमारी, मोहिनी कुमारी, करण कर्मकार आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे साथ ही  कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ प्रभाकर कुमार, प्राचार्य धनंजय कुमार, शिक्षिका छाया कुमारी, सुकेश प्रजापति, दिनेश कुमार महतो, अमर कांत मालवीय आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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