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अभिभावकों की सुविधा को प्राथमिकता, मोबाइल एप से मिलेगा बच्चों की प्रगति का अपडेट: चेयरमैन

संत मरियम स्कूल में पीटी-2 परीक्षा के परिणाम की घोषणा की गई. इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने विद्यालय की ओर से अभिभावकों के हित में शुरू की गई नई पहल की जानकारी दी.

By : Ark Sahuliyar
अभिभावकों की सुविधा को प्राथमिकता, मोबाइल एप से मिलेगा बच्चों की प्रगति का अपडेट: चेयरमैन

न्यूज़11 भारत 
पलामू/डेस्क:
संत मरियम स्कूल में पीटी-2 परीक्षा के परिणाम की घोषणा की गई. इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने विद्यालय की ओर से अभिभावकों के हित में शुरू की गई नई पहल की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब अभिभावक अपने मोबाइल फोन पर संत मरियम स्कूल के एप्लीकेशन के माध्यम से अपने बच्चों का परीक्षा परिणाम आसानी से देख सकेंगे.

चेयरमैन ने कहा कि बदलते समय और उन्नत प्रौद्योगिकी के दौर में तकनीक को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है. इसी दिशा में विद्यालय द्वारा परीक्षा परिणाम को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की पहल की गई है. उन्होंने बताया कि अब पीटी-2 सहित पीटी-4 के परीक्षा परिणाम भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जिसे अभिभावक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कहीं से भी देख सकेंगे. इससे अभिभावकों को विद्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी सहजता से प्राप्त कर पाएंगे.

उन्होंने कहा कि तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और आधुनिक बनाने का प्रभावी साधन है. विद्यालय लगातार ऐसी व्यवस्थाओं को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी बेहतर शैक्षणिक अनुभव मिल सके.

शिक्षकों की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन अविनाश देव ने शिक्षकों के साथ बैठक करते हुए बदलते शैक्षणिक परिवेश पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों के पास जानकारी प्राप्त करने के अनेक माध्यम हैं और मोबाइल फोन के जरिए वे कुछ ही क्षणों में दुनिया भर की जानकारियां हासिल कर सकते हैं. ऐसे समय में शिक्षक की भूमिका केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रह सकती.

उन्होंने कहा कि जब जानकारी का विशाल संसार बच्चों की उंगलियों पर उपलब्ध है, तब ऐसी कौन-सी मूलभूत चीज है, जिसे शिक्षक विद्यार्थियों में आत्मसात करा सकते हैं, ताकि शिक्षक की भूमिका पहले से कहीं अधिक प्रगाढ़ और प्रभावशाली बने.

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल जानकारी देने वाले नहीं, बल्कि उनके चरित्र, सोच, अनुशासन, विवेक, संस्कार और सही दिशा के निर्माणकर्ता हैं. तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन सही जानकारी को समझने, उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने और जीवन में उसे सकारात्मक रूप से उतारने की क्षमता विकसित करने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है. कार्यक्रम में प्राचार्य कुमार आदर्श, उप-प्राचार्य एस बी शाहा, समन्वयक एवं समस्त शिक्षक मौजूद थे.

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