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राजमहल/डेस्क: साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड की तेतुलिया पंचायत का पीराचक गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है. इस बदहाल व्यवस्था की दर्दनाक तस्वीर तब सामने आई, जब इलाज के दौरान मृत एक गर्भवती महिला का शव गांव तक पहुंचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को कीचड़ भरे खेतों के बीच खटिया का सहारा लेना परा. जिले में DMFT के तहत बाइक एंबुलेंस भी खरीदी गई है, लेकिन बाइक एंबुलेंस का उपयोग नहीं के बराबर हो रहा है.
मिली जानकारी के अनुसार पीराचक निवासी मोनू कुमार राय की गर्भवती पत्नी सपना कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. गांव तक सड़क नहीं होने के कारण परिजन उन्हें खटिया पर लादकर खेतों और कीचड़ भरे रास्ते से रामचौकी गांव तक ले गए. वहां से उन्हें इलाज के लिए भागलपुर ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. जब शव गांव लाया गया तो सड़क के अभाव में एक बार फिर ग्रामीणों को खटिया के सहारे शव को रामचौकी से पीराचक तक पहुंचाना पड़ा. इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को राजमहल ले जाया गया.
मृतका के पति मोनू कुमार राय ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है. करीब 15 दिन पहले उनकी मां की भी बीमारी के कारण मौत हो गई थी. उस समय भी उन्हें अस्पताल ले जाने और बाद में शव गांव लाने के लिए इसी तरह खटिया का सहारा लेना पड़ा था.
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