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रांची/डेस्क: रांची विश्वविद्यालय में 39 वां दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया है. दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर सरोज शर्मा समेत कई गणमान्य मंच पर उपस्थित हैं.
आज दीक्षांत समारोह में कुल 3,353 विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी. वहीं 71 विद्यार्थियों को मेडल दिए जायेंगे. इसमें 44 गोल्ड मेडल छात्राओं को एवं 14 गोल्ड मेडल छात्रों को प्रदान किये जायेंगे. इसके अलावा 13 स्पॉन्सर मेडल भी दिये जायेंगे. इस दौरान रांची विश्वविद्यालय के दो शिक्षाविदों को मानद उपाधि भी दी जाएगी.
जीवन हमेशा योजनाओं के अनुसार नही चलती- राज्यपाल
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी डिग्री बताती है कि आपने क्या सीखा है और जीवन बताता है कि उसका उपयोग कैसे करना है. उन्होंने छात्रों से कहा कि अपनी क्षमता का उपयोग सही जगह पर करना. जीवन हमेशा हमारी योजनाओं के अनुसार नही चलती. जब कभी जीवन में सफलता मिले, तो विनम्र रहिए और जब कभी असफलता मिले, तो धैर्य रखिए.
राज्यपाल ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय का महत्व इससे नही मापा जाता है कि कितने विद्यार्थी वहां से डिग्री ले रहे हैं. विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में विश्वविद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण है.
दीक्षांत समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम दुनिया के कल्याण की बात करते हैं. उन्होंने बताया कि 68 करोड़ रुपए के लागत से आपके कैंपस में लाइब्रेरी बनकर तैयार हो गई है. उन्होंने कहा कि रांची में आज ऐसा कोई स्थान नही है, जहां 5 से 7 हजार लोगों को जमा करके एक अच्छा कार्यक्रम किया जा सके. सिर्फ एक रांची विश्वविद्यालय ही है, अगर इसे एक ऑडिटोरियम का स्वरूप दे दिया जाए तो रांची के लोगों को इसका लाभ मिलेगा. मंत्री ने 2047 के नायकों को बधाई देते हुए अपना संबोधन समाप्त किया.
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