न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन योजना एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्रियान्वयन को लेकर आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके सभा कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, एनएचएम के अभियान निदेशक प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई पदाधिकारी तथा विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
बैठक में मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए सबसे पहले अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में कनेक्टिविटी की स्थिति की समीक्षा की गई. बीएसएनएल की इंटरनेट स्पीड को लेकर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से मिल रही शिकायतों पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि कम स्पीड के कारण अस्पतालों में डिजिटल सेवाओं के संचालन में कठिनाई आ रही है.
बीएसएनएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि सभी जिलों में 100 एमबीपीएस क्षमता वाला वाई-फाई कनेक्टिविटी सिस्टम शुरू किया जा रहा है. अधिकांश जिलों में यह कार्य पूरा हो चुका है. इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर 60 एमबीपीएस क्षमता वाला वाई-फाई उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे मरीजों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर डिजिटल सुविधा मिल सके. सभी मेडिकल कॉलेजों में भी यह व्यवस्था लागू कर दी गई है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर पर भी इसे लागू करने की योजना है.
समीक्षा के दौरान पीएचसी एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में बिजली की समस्या तथा पावर फ्लक्चुएशन के कारण इंटरनेट एवं डिजिटल सेवाओं में व्यवधान का मुद्दा भी सामने आया. बीएसएनएल ने बताया कि अगले 15 से 20 दिनों में आवश्यक पावर बैकअप की व्यवस्था कर ली जाएगी.
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जिला स्तर से लेकर सीएचसी स्तर तक अतिरिक्त पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने पीएचसी स्तर पर कम से कम 12 घंटे का पावर बैकअप उपलब्ध कराने को कहा, जिसकी अवधि आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जा सके. उन्होंने पीएचसी में इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने तथा जिन स्वास्थ्य संस्थानों में अभी तक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, वहां आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.
इसके बाद सी-डैक के अधिकारियों ने डिजिटल हेल्थ मिशन से संबंधित प्रगति का प्रस्तुतीकरण दिया. अपर मुख्य सचिव ने डैशबोर्ड को लेकर प्राप्त हो रही शिकायतों को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया. सी-डैक की ओर से बताया गया कि रिम्स, रांची की प्रयोगशाला को डिजिटल प्रणाली से लाइव करने का कार्य अंतिम चरण में है. कार्य पूरा होने के बाद मरीजों को अपनी लैबोरेटरी रिपोर्ट ऑनलाइन प्राप्त हो सकेगी. मोबाइल के माध्यम से भी रिपोर्ट उपलब्ध कराने की सुविधा विकसित की जा रही है. साथ ही एबीडीएम के आभा ऐप के माध्यम से भी रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है. अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित कार्यों को 15 सितंबर तक पूर्ण करने का निर्देश दिया.
बैठक में ई-गवर्नेंस से संबंधित प्रस्तुतीकरण भी दिया गया. इसके अलावा 104 पोर्टल के माध्यम से ह्यूमन रिसोर्स इंफॉर्मेशन सिस्टम (HRIS) की प्रगति की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदाकर्मियों के भुगतान को पोर्टल में उपस्थिति से जोड़ने की दिशा में तैयारी की जा रही है. संभावना है कि 30 सितंबर तक एनएचएम के संविदाकर्मियों को पोर्टल पर उपस्थिति के आधार पर भुगतान की व्यवस्था लागू की जा सकेगी.
बैठक के दौरान एसएएस, पीरामल एवं केपीएमजी के प्रतिनिधियों द्वारा भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिए गए. अपर मुख्य सचिव ने सभी एजेंसियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा करने तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुगम एवं मरीज-केंद्रित बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया.