किशोर कुमार जायसवाल/न्यूज़11 भारत
गुमला/डेस्क: जिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों की अनदेखी कर विभिन्न नदियों से बालू का अवैध उठाव किए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक बालू तस्कर बेखौफ होकर नदियों से बालू का दोहन कर रहे हैं. शहर में एक ट्रैक्टर बालू करीब 3,000 रुपये में बेचे जाने की बात कही जा रही है. अवैध कारोबार से सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदी और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है.
बताया जाता है कि जिले के वन्यजीव आश्रयणी क्षेत्र में आने वाली दो नदियों से बालू निकासी पर रोक है. इसके बावजूद कथित रूप से बिचौलियों और तस्करों द्वारा लगातार बालू उठाव किया जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई प्रभावी नजर नहीं आ रही है.

प्राकृतिक स्वरूप पर पड़ रहा असर
अवैध बालू खनन से नदियों के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव का खतरा बढ़ रहा है. इसके अलावा नदी किनारे स्थित पुल-पुलिया की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है. दूसरी ओर, सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. लोगों का कहना है कि कुछ वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर मिटा दिए जाते हैं, जिससे कार्रवाई के दौरान वाहन की पहचान करना मुश्किल हो सके.
पुलिस के सामने से ढुलाई का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर से होकर दिन-रात बालू लदे ट्रैक्टरों का आवागमन जारी रहता है. यहां तक कि पुलिस पिकेट और पुलिसकर्मियों के सामने से भी बालू की ढुलाई होने का आरोप लगाया जा रहा है. इससे अवैध बालू कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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