आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी आज सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा और तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया और खिजरी विधायक राजेश कच्छप के साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात किए. सीएम को ज्ञापन सौंपकर विधायकों ने राज्य में जनजातीय समुदाय की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की. ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4), 29(1), 46 तथा 342 के प्रावधानों के अनुरूप राज्य की जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए. इसमें विशेष रूप से दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के सभी महाविद्यालयों में खड़िया, उरांव, मुंडारी सहित क्षेत्र की प्रमुख जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई सुनिश्चित करने तथा राजधानी रांची के सभी महाविद्यालयों में राज्य की सभी जनजातीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था अनिवार्य करने की मांग की गई है.
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित नई क्लस्टर नीति से खड़िया, मुंडा एवं अन्य जनजातीय समुदायों की भावनाएं आहत हुई हैं. इसलिए सरकार को इस नीति के व्यवहारिक पक्षों पर पुनर्विचार करते हुए जनजातीय समाज की भाषा, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए आवश्यक संशोधन करना चाहिए.
विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी ने सरकार से आग्रह किया कि झारखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्लस्टर सिस्टम की समीक्षा की जाए तथा जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने कहा कि इससे राज्य की सांस्कृतिक विरासत मजबूत होगी और जनजातीय समुदाय की भावनाओं का सम्मान भी सुनिश्चित होगा.
ज्ञापन के साथ रांची खड़िया महासभा एवं मुंडारी छात्र संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की मूल प्रति भी संलग्न की गई है.
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