आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त मनोज कुमार आज जिला प्रशासन के साथ सिमडेगा के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल रामरेखा धाम पहुंचे. धाम के पर्यटन विकास योजनाओं का जायजा लिए और अबुआ आवास योजना के लाभुकों से संवाद किए. वे किसानों की कृषि गतिविधियों का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों के बीच साइकिलों का वितरण किया.
रामरेखाधाम में आयुक्त ने सबसे पहले रामरेखा धाम की पवित्र गुफा में भगवान के विग्रहों की विधिवत पूजन कर क्षेत्र के सुख शांति की कामना किए. इसके बाद आयुक्त ने रामरेखा धाम में चल रखे विकास कार्यों का जायजा लिए. बता दें कि रामरेखाधाम को पर्यटन स्थल के रूप में घोषित किया गया है. जिसके बाद यहां लाखों के लागत से विकास के कई कार्य करवाए जा रहे हैं. आयुक्त आज इन्हीं निर्माण कार्यों का जायजा लेकर कई दिशा निर्देश दिए. इसके पूर्व रामरेखा धाम समिति के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए संचालित पर्यटन विकास योजनाओं से अवगत कराया. समीक्षा बैठक में रामद्वार, अन्नक्षेत्र (कैफेटेरिया), मुक्ताकाश रंगमंच, संग्रहालय, कियोस्क, गज़ीबो, लक्ष्मण एवं सीता कुंड का सौंदर्यीकरण, बहुउद्देशीय भवन, विवाह मंडप, पार्किंग, उद्यान एवं लैंडस्केपिंग, सार्वभौमिक सुविधा युक्त शौचालय, सौर ऊर्जा संयंत्र और अग्निशमन व्यवस्था सहित अन्य परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई.
आयुक्त ने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि रामरेखा धाम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है. साथ ही उन्होंने परियोजना के अंतर्गत विकसित होने वाले प्रमुख स्थलों के लिए रामचरितमानस से प्रेरित विशिष्ट एवं आकर्षक नाम चयनित करने का सुझाव दिया. इस अवसर पर रामरेखा धाम समिति की ओर से उन्हें अंगवस्त्र एवं पत्रिका भेंट कर सम्मानित किया गया.
इसके पश्चात आयुक्त पाकरटांड़ प्रखंड के कैरबेड़ा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अबुआ आवास योजना के तहत निर्मित दो आवासों का फीता काटकर लाभुकों को गृह प्रवेश कराया. लाभुकों से बातचीत के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की सराहना की. उन्होंने कहा कि बहुत ही सुंदर घर का निर्माण कराया गया है. लाभुक ने बताया कि पहले खपरैल एवं कच्चा मकान में रहते थे. आयुक्त द्वारा योजना के तहत मिलने वाले राशि की जानकारी, इस दौरान लाभुक ने बताया कि अंतिम किस्त की राशि लंबित है. आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र अंतिम किस्त की राशि भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
दौरे के क्रम में उन्होंने कोचेडेगा पंचायत के बांसपहार गांव में सामूहिक कृषि कार्यों का निरीक्षण किया. किसानों ने बताया कि शंख नदी से लिफ्ट इरिगेशन योजना के माध्यम से सिंचाई की जाती है. यहां उद्यान विभाग के सहयोग से जरबेरा फूल की खेती के साथ-साथ भिंडी, मिर्च, मक्का एवं अन्य सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती की जा रही है, जिनकी बिक्री स्थानीय बाजारों में की जाती है.
इसके अलावा आयुक्त ने मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालक विद्यालय, सिमडेगा में आयोजित मुख्यमंत्री उन्नति का पहिया योजना कार्यक्रम में 50 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल वितरित की. उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण करने तथा अपने जिले और राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया.
अंत में उन्होंने हेरिटेज -सह- म्यूजियम सेंटर का भी निरीक्षण किया. म्यूजियम में अंग्रेज शासन के दौरान सिमडेगा जिला की ऐतिहासिक के बारे में जाना एवं कई पुरानी वस्तु , औजार एवं अन्य वस्तु रखी गई है जिसका अवलोकन किया.
भ्रमण के दौरान डीसी सिमडेगा कंचन सिंह, एसपी सिमडेगा श्रीकांत एस खोटरे, वन प्रमंडल पदाधिकारी शांशक सेखर सिंह, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सुमन तिर्की, नजारत उप समाहर्ता -सह- जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल अमृत मिंज एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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