सिलागाईं स्मारक समिति की बैठक

सिलागाईं में और भव्य स्वरूप में स्थापित होगी अमर शहीद वीर बुधु भगत की प्रतिमा - शिल्पी नेहा तिर्की

SIR के दावा-आपत्ति कार्य में आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो, अधिकारियों को निर्देशों का पालन करने की सलाह

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
सिलागाईं में और भव्य स्वरूप में स्थापित होगी अमर शहीद वीर बुधु भगत की प्रतिमा - शिल्पी नेहा तिर्की

न्यूज11  भारत

चान्हो/डेस्क: क्षेत्र भ्रमण के क्रम में आज कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की सिलागाईं स्मारक समिति की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए. बैठक में अमर शहीद एवं महान स्वतंत्रता सेनानी वीर बुधु भगत की प्रतिमा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.

पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण शहीद वीर बुधु भगत जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई थी. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रतिमा का पुनर्निर्माण केवल औपचारिक रूप से नहीं, बल्कि इसे और अधिक भव्य, आकर्षक एवं गरिमामयी स्वरूप प्रदान करते हुए किया जाएगा. जल्द ही सिलगाईं की ऐतिहासिक धरती पर शहीद वीर बुधु भगत जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

इस अवसर पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वीर बुधु भगत केवल एक प्रतिमा या स्मारक का नाम नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाली हमारी ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक हैं. उनकी प्रतिमा का भव्य पुनर्निर्माण उनके संघर्ष, साहस और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

SIR के दावा-आपत्ति कार्य का लिया जायजा

इसके पश्चात मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मांडर प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर SIR (Special Intensive Revision) के तहत चल रहे दावा-आपत्ति कार्य का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा इस दौरान आम नागरिकों को हो रही असुविधाओं और दावा-आपत्ति प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की.

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग द्वारा हाल के दिनों में जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए. दावा-आपत्ति से संबंधित कार्यों में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए.

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है. इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोगों को अपने अधिकारों एवं आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित कार्यों के लिए बार-बार प्रखंड कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें.

मंत्री ने अधिकारियों को दावा-आपत्ति से जुड़े कार्यों के लिए सरल, पारदर्शी, व्यवस्थित और सहयोगात्मक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से ही SIR की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सकता है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाए.

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