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निरसा की राजनीति में फिर बढ़ा टकराव, सांसद ढुल्लू महतो ने विधायक अरूप चटर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

प्रेस वार्ता में सांसद ने अपराधियों से कथित संबंध, रंगदारी और विकास कार्यों में बाधा डालने का लगाया आरोप

By : Ark Sahuliyar
निरसा की राजनीति में फिर बढ़ा टकराव, सांसद ढुल्लू महतो ने विधायक अरूप चटर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

न्यूज़11 भारत
धनबाद/डेस्क:
निरसा की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. सांसद ढुल्लू महतो ने प्रेस वार्ता के दौरान निरसा विधायक अरूप चटर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए. सांसद ने दावा किया कि विधायक का कथित तौर पर गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके सहयोगियों से संबंध है. 

'प्रिंस खान का सबसे बड़ा संरक्षक' होने का लगाया आरोप
सांसद ढुल्लू महतो ने आरोप लगाया कि विधायक अरूप चटर्जी कथित तौर पर गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे बड़े संरक्षक हैं. उन्होंने कहा कि मासस नेता मोइज़ खान और रिजवान सिद्दीकी जैसे लोगों के जरिए उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है. सांसद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. उन्होंने यह भी दावा किया कि 25 मई को पुलिस ने रिजवान सिद्दीकी को मोइज़ खान के तालडांगा स्थित घर से गिरफ्तार किया था. सांसद के अनुसार, रिजवान प्रिंस खान का मुख्य शूटर है और उसकी गिरफ्तारी के बाद से मोइज़ खान फरार है. उन्होंने सवाल उठाया कि मोइज़ खान कहां है और इस संबंध में विधायक को जवाब देना चाहिए.

ईमानदार नेता ए.के. राय की विरासत खत्म करने का भी आरोप
सांसद ने कहा कि विधायक अरूप चटर्जी ने कोयलांचल के वरिष्ठ नेता ए.के. राय की राजनीतिक विरासत को समाप्त कर दिया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक दो अलग-अलग मामलों में आरोपी रहे हैं, जिनमें सुशांतो सेनगुप्ता हत्याकांड और राजीव मिश्रा को आत्महत्या के लिए कथित रूप से उकसाने का मामला शामिल है. इन मामलों पर अदालत में क्या स्थिति है, इसका उल्लेख सांसद ने नहीं किया.

अपने खिलाफ दर्ज मामलों को बताया साजिश
प्रेस वार्ता में सांसद ढुल्लू महतो ने अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों को राजनीतिक साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाया गया एक भी आरोप अदालत में साबित हो जाता है, तो वह सरकार से इच्छामृत्यु की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि वह न तो गलत लोगों के सामने कभी झुके हैं और न आगे झुकेंगे.

एलिवेटेड रोड परियोजना रोकने और रंगदारी मांगने का आरोप
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि निरसा में उनके प्रयासों से स्वीकृत एलिवेटेड रोड परियोजना को विधायक ने कथित तौर पर रंगदारी के लिए रुकवा दिया. उनका दावा था कि परियोजना को आगे बढ़ाने के एवज में छह करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई. 

यह भी पढ़ें- झारखंड के नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्तों ने राज्यपाल संतोष गंगवार से की शिष्टाचार भेंट 

 

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