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रांची/डेस्क: हजारीबाग डिटेंशन सेंटर में कांस्टेबल द्वारा महिला से दुष्कर्म करने के मामले में झारखंड हाई कोर्ट में फिर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान गृह सचिव वंदना दाडेल उपस्थित रहीं. राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले में 3 पुलिसकर्मियों को ससपेंड किया गया है. तीनों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है. रंजीत महतो, वारिस कच्छप और रेणु बेंजामिन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. महिला की सुरक्षा के लिए लिए 6 कॉन्स्टेबल को लगाया गया है, जिसमें 3 महिला और 3 पुरूष कॉन्स्टेबल शामिल हैं. सुनवाई के दौरान FIR की कॉपी हाई कोर्ट में पेश किया गया.
कोर्ट ने जताई आपत्ति
आरोपियों पर BNS के स्थान पर IPC की लगाए गए धाराओं पर कोर्ट ने आपत्ति जताई. जामताड़ा केस का जिक्र करते हुए राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि 2023 से केंद्र को महिला को डिपोर्ट करने के लिए राज्य सरकार ने कई बार पत्र लिखा है, जिसका जवाब आज तक केंद्र से नहीं आया. जिसपर केंद्र की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया. मामले में केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. कोर्ट ने महिला को हर प्रकार का बेसिक सुविधा देने का निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई. 15 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई होगी.
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