मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: मगध-आम्रपाली कोयलांचल में अवैध कोयला कारोबार को लेकर लगातार सामने आ रही खबरों के बीच सीआईएसएफ और सीसीएल की संयुक्त टीम ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच हाइवा जब्त किए. ओझा टांड़ी गांव के समीप करीब तीन बजे की गई कार्रवाई में लगभग 250 टन कोयला बरामद किया गया. टीम को देखते ही हाइवा चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए.
सीआईएसएफ को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि रात के समय हाइवा के माध्यम से कोयला डंप से कोयला निकालकर जंगल क्षेत्र में छिपाकर जमा किया जा रहा है. सूचना के आधार पर टीम ने ओझा टांड़ी के समीप घेराबंदी की और पांचों हाइवा को पकड़ लिया. क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण चालक वाहन लेकर आगे नहीं निकल सके और वाहन छोड़कर फरार हो गए.
मगध से बरवाडीह-फूलबसिया होते बालूमाथ-चतरा जाने की तैयारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाइवा मगध परियोजना से निकलकर बरवाडीह और फूलबसिया ओवरब्रिज होते हुए बालूमाथ-चतरा की ओर जाने की तैयारी में थे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में कोयला किसके निर्देश पर बाहर ले जाया जा रहा था और इसकी अंतिम मंजिल कहां थी.
जब्त वाहनों में JH02BV-6016, JH02BT-2432 और JH02AX-0108 के नंबर सामने आए हैं. वहीं दो हाइवा की नंबर प्लेट गायब मिली. नंबर प्लेट हटाए जाने अथवा नंबर मिटाए जाने का पहलू भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पांच हाइवा ने खोली अवैध परिवहन की बड़ी कड़ी
एक साथ पांच हाइवा और करीब 250 टन कोयले की बरामदगी ने अवैध कोयला परिवहन के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि कोयला कहां से लोड हुआ, किसने लोड कराया, वाहनों को किसने भेजा और इसे कहां खपाया जाना था.
कार्रवाई सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार के मार्गदर्शन में सहायक कमांडेंट सुभाष कुमार एवं हर्षा लवानिया के नेतृत्व में की गई. उप निरीक्षक हलदर एवं अभिषेक समेत जवानों ने अभियान में सहयोग किया. एनके-पिपरवार की टीम ने भी कार्रवाई में सक्रिय सहयोग और समन्वय किया.
पांचों हाइवा को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बालूमाथ थाना को सुपुर्द कर दिया गया है. मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा एमएमडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है.
19 सितंबर को यूनिट गठन के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई
सीआईएसएफ के अनुसार, सीसीएल मगध एवं आम्रपाली यूनिट का औपचारिक गठन/प्रवेश 19 सितंबर को हुआ था. इसके बाद अल्प अवधि में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. सीआईएसएफ की ओर से कोयला चोरी और पिल्फरेज पर रोक लगाने के लिए निगरानी, सूचना तंत्र और संयुक्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है.
खबरों के बीच संवाददाता की कथित रेकी ने बढ़ाई चिंता
इधर, अवैध कोयला कारोबार से जुड़ी खबरों के प्रकाशन के दौरान स्कॉर्पियो-एन वाहन से संवाददाता की कथित रेकी किए जाने की सूचना भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि हथियारबंद लोगों के साथ वाहन की गतिविधियां संदिग्ध रूप से देखी गईं.
मामले को लेकर सवाल यह है कि यदि अवैध कोयला कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की खबरें सामने आ रही थीं, तो संवाददाता की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत क्यों पड़ी और यह निगरानी किसके इशारे पर की जा रही थी? स्कॉर्पियो-एन की पहचान, उसमें सवार लोगों की भूमिका और उनकी गतिविधियों की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है.
अब सिर्फ हाइवा नहीं, पूरे नेटवर्क पर निगाह
पांच हाइवा और करीब 250 टन कोयले की बरामदगी के बाद अब कार्रवाई की असली चुनौती अवैध कोयला कारोबार की पूरी कड़ी तक पहुंचने की है. वाहन मालिकों से लेकर कोयले के स्रोत, लोडिंग प्वाइंट, कथित संचालकों, खरीदारों और अंतिम गंतव्य तक जांच पहुंचती है तो इस कारोबार के पीछे सक्रिय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.
सीआईएसएफ, सीसीएल, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के समन्वय से आगे की कार्रवाई जारी है. अब देखना यह है कि कार्रवाई पांच हाइवा और फरार चालकों तक सीमित रहती है या मगध-आम्रपाली में सक्रिय अवैध कोयला कारोबार के पूरे नेटवर्क और उसके संरक्षण तंत्र तक भी जांच पहुंचती है.
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