परेशानी

मूसलधार बारिश में बह गई मुख्य सड़क, मरीजों को खाट पर ले जाने की मजबूरी

सड़क का निर्माण ऊंचा कर दिए जाने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
मूसलधार बारिश में बह गई मुख्य सड़क, मरीजों को खाट पर ले जाने की मजबूरी

प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत

बरवाडीह/डेस्क:  बरवाडीह प्रखंड के उकामांड़ पंचायत अंतर्गत मुरू गांव में 13 अगस्त की रात हुई मूसलाधार बारिश ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है. बारिश के तेज बहाव में गांव की मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों के समक्ष आवागमन का संकट उत्पन्न हो गया है. सड़क के क्षतिग्रस्त होने से सबसे अधिक परेशानी मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है. वाहन नहीं पहुंच पाने के कारण मरीजों को खाट पर लादकर जर्जर सड़क तक लाया जाता है, इसके बाद टेंपो या एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है. वहीं ग्रामीण सूर्यदेव सिंह, दिलीप पासवान, सतीश यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क का निर्माण हाल ही में कराया गया था. जिस स्थान पर सड़क बारिश के पानी में बह गई, वहां ग्रामीणों ने पहले ही पुलिया निर्माण की मांग की थी. ग्रामीणों के अनुसार, उक्त स्थान पर सड़क के नीचे खेत है और बरसात के दिनों में पूरब दिशा से तेज गति से पानी बहकर पश्चिम दिशा की ओर जाता है. सड़क का निर्माण ऊंचा कर दिए जाने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई और पूरब दिशा में पानी जमा होने लगा. पानी का दबाव बढ़ने के बाद सड़क को काटते हुए दूसरी ओर बह गया.

 पुलिया बनती तो नहीं आती ऐसी नौबत 

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान ही संवेदक से कई बार पुलिया निर्माण की मांग की गई थी, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना समुचित जल निकासी की व्यवस्था किए सड़क का निर्माण कर दिया गया, जिसका खामियाजा अब पूरे गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वहां पुलिया का निर्माण कर दिया जाता तो बारिश के पानी का बहाव सुचारू रहता और सड़क नहीं बहती. वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन से क्षतिग्रस्त सड़क की जल्द मरम्मत कराने तथा पानी की निकासी के लिए उक्त स्थान पर स्थायी पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत नहीं होने पर बरसात के दौरान उनकी परेशानी और बढ़ सकती है. खासकर किसी मरीज के गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाएगा.

यह भी पढ़ें: गुवा में नशा और गलत संगत से बच्चों को बचाने को लेकर बिरसानगर में ग्रामीणों की विशेष बैठक

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.