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रांची/डेस्क: झारखंड का आदिवासी समाज परिसीमन को लेकर दो खेमों में बंटा नजर आ रहा है. ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि सरना-ईसाई का मुद्दा एक बार फिर उठने लगा है. इसकी वजह आदिवासी एकता महाजुटान रैली है. केंद्रीय सरना समिति समेत कई सामाजिक संगठनों ने आदिवासी एकता महाजुटान रैली का विरोध जताया है. इस रैली को चर्च द्वारा आयोजित रैली बताया जा रहा है. ऐसा कहकर आदिवासी समाज के लोगों को रैली में शामिल नहीं होने की अपील की जा रही है. बता दें कि 30 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान रैली आयोजित है. परिसीमन से होने वाले संभावित प्रभाव को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने यह रैली आयोजित की है.
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