जागरूकता

अंधविश्वास व अशिक्षा के विरुद्ध आवाज उठाने की जरूरत, विद्यार्थियों को हो लीगल का बेसिक ज्ञान

जी.एल.ए. कॉलेज, मेदिनीनगर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
अंधविश्वास व अशिक्षा के विरुद्ध आवाज उठाने की जरूरत, विद्यार्थियों को हो लीगल का बेसिक ज्ञान

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क:   राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा जी.एल.ए. महाविद्यालय के वर्चुअल क्लासरूम में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के तत्वावधान में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था.

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार सिंह, मुख्य वक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन एवं महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) जसबीर बग्गा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया.

स्वागत भाषण में प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) जसबीर बग्गा ने कहा कि विधिक जागरूकता प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कानून की मूलभूत जानकारी प्राप्त कर अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सदैव सजग रहें.

अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि एक शिक्षित समाज वही है जो अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करता है. उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर समाज में न्याय, समानता एवं संवैधानिक संस्कृति को मजबूत करने का संदेश दिया तथा जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला.

मुख्य वक्ता डालसा के सचिव राकेश रंजन ने कहा कि समाज से अंधविश्वास और अशिक्षा के विरुद्ध सशक्त आवाज उठाने की आवश्यकता है, और इसके लिए विद्यार्थियों को लीगल का बेसिक ज्ञान होना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि सोशल जस्टिस का वास्तविक अर्थ न्याय को घर-घर तक पहुँचाना है. न्याय पाने की राह में गरीबी बाधक न बने, इसके लिए डालसा द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, अनुसूचित जाति व जनजाति, दिव्यांगजनों के अधिकारों सहित साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, बाल संरक्षण, उपभोक्ता अधिकार तथा लोक अदालत की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी.

लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि डालसा के माध्यम से गांव-गांव तक सुलभ न्याय पहुँचाया जा रहा है. चलंत लोक अदालत और डोर-टू-डोर अभियान के जरिए पीएलवी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर सरकारी योजनाओं और विधिक सुविधाओं की जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने जोर दिया कि गरीब और अमीर सभी को एक समान न्याय मिले, यही डालसा का मुख्य ध्येय है.

कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजय बाड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया.

इस अवसर पर डॉ. लीना कुमारी, डॉ. विभा शंकर, डॉ. कुंदन कुमार, विकास तोपनो, अयाना एम.एस., अरुणा खाखा, डॉ. नीलम पांडे, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, बीएड विभाग के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

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