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रांची/डेस्क: रांची के तुपुदाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य एवं अमानवीय घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है. यह घटना केवल मानवता को शर्मसार करने वाली नहीं, बल्कि झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की विफलता को भी उजागर करती है.
आज भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देशानुसार महिला मोर्चा, झारखंड प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के आवास पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की, उनका दुख-दर्द साझा किया तथा न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने कई गंभीर एवं चिंताजनक तथ्य सामने रखे. परिजनों का कहना है कि बच्ची को घर से ले जाने वाले व्यक्ति की पहचान अब तक पुलिस नहीं कर सकी है. यह पुलिस की कार्यशैली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय उसे दबाने और लीपापोती करने का प्रयास कर रहा है तथा मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह न्याय व्यवस्था और कानून के शासन पर गंभीर आघात है.
भाजपा महिला मोर्चा ने राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन से मांगें की हैं कि मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए. बच्ची को घर से ले जाने वाले अज्ञात व्यक्ति की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए. इस जघन्य अपराध में संलिप्त सभी आरोपियों के विरुद्ध POCSO सहित कठोरतम कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए. पीड़ित परिवार को समुचित सुरक्षा एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाए. यदि स्थानीय पुलिस निष्पक्ष जांच करने में विफल रहती है, तो मामले की जांच CBI अथवा किसी अन्य स्वतंत्र उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए.
भाजपा महिला मोर्चा ने स्पष्ट कहा कि बेटियों की सुरक्षा के प्रश्न पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा. दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए भाजपा महिला मोर्चा हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करेगी और पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी.
बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. दोषियों को ऐसी कठोर सजा मिले जो भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश बने. प्रतिनिधिमंडल में उपस्थित पदाधिकारी आरती सिंह, शोभा यादव,सीमा सिंह, शुचिता सिंह, नीलम चौधरी, बबीता वर्मा, सुप्रिया दुबे, अर्चना सिंह, सविता लिंडा शामिल थी.