विश्वकर्मा भारती/न्यूज 11 भारत
बेरमो डेस्क -डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल, कथारा में सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE), पटना के तत्वावधान में ‘नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा' विषय पर आयोजित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आज गरिमापूर्ण समापन हुआ.
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सह- झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी. एन. खान ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि उनके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माता भी होता है. उन्होंने कहा कि नैतिकता, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व शिक्षक के व्यक्तित्व की आधारशिला हैं. “यदि शिक्षक स्वयं अपने आचरण में नैतिक मूल्यों को अपनाता है, तो उसका प्रभाव विद्यार्थियों पर स्वतः पड़ता है इसलिए नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को अपने दायित्वों को और अधिक संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए प्रेरित करते हैं.” उन्होंने कार्यशाला को शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के साथ-साथ आत्ममंथन का महत्वपूर्ण अवसर बताया.
22 एवं 23 अगस्त को आयोजित इस कार्यशाला में एम.जी.एम. पब्लिक स्कूल, बोकारो की उप प्राचार्या राखी बनर्जी तथा जी.जी.पी.एस., बोकारो की वरिष्ठ शिक्षिका स्निग्धा सिन्हा ने साधनसेवी के रूप में अपनी विशेषज्ञता एवं अनुभव साझा किए. विभिन्न गतिविधियों, संवादात्मक सत्रों एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने शिक्षकों को विद्यालयी कार्यप्रणाली में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा एवं उत्तरदायित्व को प्रभावी रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया.
कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों ने संकल्प लेते हुए नैतिक मूल्यों को अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में आत्मसात करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. शिक्षकों ने कार्यशाला के विषय में अपने विचार भी प्रस्तुत किए .इसके पश्चात प्रस्तुत विदाई गीत ने पूरे वातावरण को भावपूर्ण बना दिया.
समापन अवसर पर दोनों साधनसेवियों राखी बनर्जी एवं स्निग्धा सिन्हा को विद्यालय परिवार की ओर से शॉल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया. इस सम्मान के माध्यम से विद्यालय ने उनके ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया. धन्यवाद ज्ञापन एवं शांति पाठ के साथ इस कार्यशाला का समापन हुआ.
कार्यशाला के सफल आयोजन में विद्यालय के एसटीएनसी नागेंद्र प्रसाद, डिप्टी एसटीएनसी पंकज कुमार, जितेंद्र दुबे, वरिष्ठ शिक्षक डॉ. आर. एस. मिश्रा, रितेश कुमार, राकेश रंजन, जयपाल साव, संजय कुमार सिंह, आराधना, रेखा कुमारी, वीणा कुमारी, मधुमल्लिका उपाध्याय,पुष्पांजलि राव,, पूजा सिंह, रिया सरकार, ओशीन, अर्शिया, एजाज, खुशबू कुमारी, सुमन कुमारी, संगीत कुमार, अश्विनी कुमार,एवं रिया सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
दो दिवसीय यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा. कार्यशाला ने प्रतिभागियों को यह संदेश दिया कि शिक्षा की वास्तविक सफलता केवल अकादमिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सत्यनिष्ठा, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में निहित है.