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रांची/डेस्क: झारखंड में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया हैं. तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी है लेकिन कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ हैं. राजधानी रांची समेत कई जिलों में आंधी के साथ बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई हैं.
24 घंटे में 5 से 8 डिग्री तक लुढ़का पारा
पिछले 24 घंटों में राज्य के तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिली. रांची का अधिकतम तापमान गिरकर 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान भी करीब 18 डिग्री तक पहुंच गया. तेज हवाओं की रफ्तार रांची में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही और करीब 3.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, रांची समेत राज्य के 17 जिलों में अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैं. इस दौरान तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई हैं. बता दें कि, गुरुवार दोपहर आई तेज आंधी और बारिश ने राजधानी की निजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया. झारखंड बिजली वितरण निगम की तैयारियां इस मौसम के सामने कमजोर साबित हुई. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानि का सामना करना पड़ा.
हरमू समेत कई इलाकों में घटों अंधेरा
हरमू इलाके में ब्रेकर खराब होने के कारण करीब 6 घंटे तक बिजली नहीं रही. दोपहर 3 बजे गई बिजली देर रात तक बहाल नहीं हो सकी. चिरौंदी, कांके, रातू रोड, हरमू, बहुबाजार, कोकर, डोरंडा, हिनू, बुकरू और ओरमांझी जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे.
टाटीसिल्वे में 9 घंटे ब्लैकआउट
टाटीसिल्वे में हालात और भी खराब रहे, जहां करीब 9 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. आधी रात से लेकर सुबह तक लोग अंधेरे में रहे और पानी की समस्या से जूझते रहे. हालांकि बिजली गुल होने के कारणों को लेकर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. एक तरफ जहां बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती और अव्यवस्था ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
तेज आंधी ने शहर की रफ्तार रोकी
राजधानी रांची में तेज आंधी और बारिश ने गुरुवार को जमकर कहर बरपाया. मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच दोपहर बाद करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर के कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया. जगह-जगह पेड़ गिर गए, बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया.