आपातकाल

लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस आज किस मुंह से दे रही संविधान की दुहाई: आदित्य साहू 

आपातकाल के 51वें वर्ष पर मेदिनीनगर में गरजे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

By : Ark Sahuliyar
लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस आज किस मुंह से दे रही संविधान की दुहाई: आदित्य साहू 

​न्यूज़11 भारत 
पलामू/डेस्क:
पलामू जिला भाजपा के तत्वावधान में स्थानीय दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आपातकाल के 51वें वर्ष के अवसर पर ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन किया गया. कार्यक्रम को मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को देश में इमरजेंसी लागू कर लोकतंत्र की निर्मम हत्या करने वाले कांग्रेस के नेता आज राजनीतिक स्वार्थ में संविधान की दुहाई देते फिर रहे हैं और देश की जनता को भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रहे हैं. आपातकाल कांग्रेस के इतिहास का वह काला अध्याय है, जिसे देश कभी नहीं भुला सकता. इमरजेंसी घोषित कर संविधान एवं लोकतंत्र में अटूट आस्था रखने वाले राष्ट्रभक्तों पर मीसा (MISA) लगाकर जेल भेजना और उन्हें अमानवीय यातनाएं देना कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है, और यही कारण है कि जागरूक जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह नकार दिया है. उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भाजपा पिछले 12 वर्षों से सेवा और समर्पण के भाव के साथ देश में सुशासन और जन-कल्याण के कार्यों को धरातल पर उतार रही है, जिसका सीधा लाभ आज गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं को मिल रहा है. समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना ही मोदी सरकार का मुख्य संकल्प है.

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में इमरजेंसी लगाकर जिस प्रकार संविधान और लोकतंत्र का गला घोंटा गया, वह काला अध्याय इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज है, जिसका गंभीर खमियाजा बाद में उन लोगों को भी भुगतना पड़ा जिन्होंने यह दमनकारी कृत्य किया था. उन्होंने कहा कि जनसेवा ही सर्वोपरि है और व्यक्तिगत स्वार्थ से हमेशा देश एवं समाज का भारी नुकसान होता है. पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने आपातकाल के दंश को याद करते हुए कहा कि इमरजेंसी के दौरान बिना किसी ठोस कारण के और नियमों के सर्वथा विपरीत जाकर निर्दोष लोगों को पकड़कर जेलों में बंद किया गया, जिससे संपूर्ण लोकतंत्र और संविधान शर्मसार हुआ था. उस दमनकारी नीति से जनता का तत्कालीन सरकार के प्रति अविश्वास चरम पर पहुंच गया और अंततः जनता जनार्दन ने उस निरंकुश सरकार को उखाड़ फेंका.

​वहीं भाजपा के प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारत के गौरवशाली संविधान और जीवंत लोकतंत्र पर एक ऐसा कुठाराघात था, जिसकी टीस आज भी हर देशवासी और जनमानस के हृदय में कचोटती है. इस दौरान मीसा कानून के तहत जेलों में बंद रहे वरिष्ठ कार्यकर्ता तारकेश्वर आजाद, रवि शंकर पांडे एवं अन्य राष्ट्रभक्तों ने आपातकाल के दौरान झेली गई कठोर परिस्थितियों, यातनाओं और अपने जीवंत अनुभवों को उपस्थित जनसमूह के साथ साझा किया. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन विजय ठाकुर द्वारा किया गया और कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन अजय सिंह ने किया.

​इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य रूप से मनोज सिंह, शशि भूषण भगत, शशि भूषण कुशवाहा, अरुण शंकर, कमलेश सिंह, श्याम नारायण दुबे, प्रेम सिंह, विपिन बिहारी सिंह, पुष्पा देवी, मनोज भुइया, विजयआनंद पाठक, नरेंद्र पांडे, प्रोफेसर के.के. मिश्रा, प्रमोद बिहारी शुक्ला, सिद्धेश्वर सिंह, सतनारायण प्रसाद, ज्योति गोयल, शंकर साहू, दिवाकर नारायण पांडे, शिवकुमार मिश्र, अरविंद सिंह, सुनील पासवान, अनीता देवी, मुन्ना चंद्रवंशी, अजय तिवारी, लवली गुप्ता, रूपा सिंह, विजय ओझा, सरवन गुप्ता, राजहंस अग्रवाल, शुभम प्रसाद, श्वेताग गर्ग, रविंद्र सिंह, कामेश्वर कुशवाहा, ईश्वरी पांडे, सुनील तिवारी, अरविंद गुप्ता, संजय कुमार, भोला पांडे, शशि भूषण पांडे, बी.पी. शुक्ला, रीना किशोर सहित सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ भाजपा नेता, पदाधिकारी एवं निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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