दुष्कर्म का आरोप

सजा पूरी होने के बाद भी जेल में रही महिला, कॉन्स्टेबल पर दो साल तक दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट ने गृह सचिव को किया तलब

झारखंड हाईकोर्ट में एक महिला को सजा पूरी होने के बाद भी हिरासत में रखे जाने और हजारीबाग स्थित डिटेंशन सेंटर में उसके साथ कथित यौन शोषण के मामले की सुनवाई हुई.

By : Ark Sahuliyar
सजा पूरी होने के बाद भी जेल में रही महिला, कॉन्स्टेबल पर दो साल तक दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट ने गृह सचिव को किया तलब

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
झारखंड हाईकोर्ट में एक महिला को सजा पूरी होने के बाद भी हिरासत में रखे जाने और हजारीबाग स्थित डिटेंशन सेंटर में उसके साथ कथित यौन शोषण के मामले की सुनवाई हुई. महिला ने डिटेंशन सेंटर में तैनात एक कॉन्स्टेबल पर करीब दो साल तक लगातार दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है. अपूर्व विवेक की ओर से दाखिल इस हेबियस कॉर्पस  की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं.

महिला को एक मामले में हुई थी दो साल की सजा
प्रार्थी के अधिवक्ता अंकित अपूर्व ने बताया कि महिला को जामताड़ा में एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में उसे दो साल की सजा हुई थी. महिला का कहना है कि इसी मामले के दौरान पहली बार उसके नाम के साथ 'खान' उपनाम जोड़ा गया. उन्होंने ने बताया कि दो साल की सजा पूरी होने के बाद महिला को रिहा करने के बजाय हजारीबाग स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया.

करीब छह साल तक डिटेंशन सेंटर में रही महिला
महिला करीब छह साल तक डिटेंशन सेंटर में रही. उसने वहां तैनात एक कॉन्स्टेबल पर गंभीर आरोप लगाए. महिला का आरोप है कि कॉन्स्टेबल ने करीब दो साल तक उसका नियमित रूप से यौन शोषण किया. महिला के मुताबिक, कॉन्स्टेबल उसे डिटेंशन सेंटर से अपने घर भी ले जाता था और वहां भी उसके साथ दुष्कर्म करता था.

दो अन्य लोगों के साथ डिटेंशन सेंटर से भागी
करीब छह साल बाद महिला दो अन्य लोगों के साथ डिटेंशन सेंटर से फरार हो गई. बाद में उसे पकड़ा गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इस मामले में Foreigners Act के तहत भी आरोप लगाया गया था. हालांकि, महिला को Foreigners Act के आरोप से बरी कर दिया गया. वहीं, डिटेंशन सेंटर से भागने के मामले में उसे छह महीने की सजा हुई, जिसे वह पहले ही काट चुकी थी. इसके बावजूद महिला के अब तक हिरासत में रहने को लेकर हाईकोर्ट में सवाल उठे हैं.

कोर्ट ने कहा- मामला बेहद गंभीर
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर माना. कोर्ट ने JHALSA के सचिव को महिला का बयान तत्काल रिकॉर्ड कराने का निर्देश दिया. इसके बाद DLSA की टीम को महिला के पास भेजा गया. टीम द्वारा उसका बयान रिकॉर्ड किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि महिला का बयान सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए.

कॉन्स्टेबल पर लगे आरोपों पर SP दाखिल करेंगे हलफनामा
सुनवाई के दौरान हजारीबाग के एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में उपस्थित हुए, जहां कोर्ट के समक्ष उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करेंगे और महिला के सुरक्षा के लिए एक महिला कांस्टेबल की रखा जाएगा. महिला द्वारा कॉन्स्टेबल पर लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट ने SP हजारीबाग को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार से महिला की पूरी स्थिति और उसके अब तक हिरासत में रखे जाने के कारणों के संबंध में भी जानकारी मांगी है. राज्य को महिला द्वारा बताए गए पूरे घटनाक्रम और उसके दावों का सत्यापन कर कोर्ट को जानकारी देने को कहा गया है.

गृह सचिव को सोमवार को पेश होने का निर्देश
सुनवाई के दौरान IG जेल कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, जबकि SP हजारीबाग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. हाईकोर्ट ने गृह विभाग की सचिव को सोमवार सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि महिला की पूरी कहानी और उससे जुड़े तथ्यों का सत्यापन करना जरूरी है. राज्य के पास फिलहाल सभी तथ्यों की पुष्टि के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं है. इसके लिए सरकार ने समय मांगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इसे सोमवार को सुबह पहला केस रखने का निर्देश दिया है. अब अगली सुनवाई में राज्य सरकार को महिला की हिरासत के आधार, उसके पूरे घटनाक्रम और कॉन्स्टेबल पर लगाए गए गंभीर आरोपों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी होगी.

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