एनीमिया मुक्त अभियान

भरनो में एनीमिया मुक्त अभियान को लेकर डूडीया में कार्यशाला, पोषण और खान-पान में बदलाव पर जोर

विकास भारती बिशुनपुर द्वारा एनीमिया मुक्त अभियान परियोजना के तहत  डुड़िया पंचायत सचिवालय में एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया.

By : Ark Sahuliyar
भरनो में एनीमिया मुक्त अभियान को लेकर डूडीया में कार्यशाला, पोषण और खान-पान में बदलाव पर जोर

प्रेम कुमार सिंह/न्यूज़11 भारत 
गुमला/डेस्क:
विकास भारती बिशुनपुर द्वारा एनीमिया मुक्त अभियान परियोजना के तहत  डुड़िया पंचायत सचिवालय में एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुखिया रश्मि लकड़ा ने किया. कार्यक्रम में एनीमिया के कारण,लक्षण,बचाव और पौष्टिक आहार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई. कार्यशाला में अत्यधिक थकान,चक्कर आना,सांस फूलना,सीने में दर्द और त्वचा का पीलापन जैसे एनीमिया के प्रमुख लक्षणों पर चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने बताया कि शरीर में पोषक तत्वों,आयरन और विटामिन बी-12 की कमी,पेट में कृमि तथा महिलाओं में अत्यधिक रक्तस्राव एनीमिया के प्रमुख कारणों में शामिल हैं. इससे बचाव के लिए संतुलित एवं पौष्टिक भोजन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया. मौके पर मुख्य अतिथि मुखिया रश्मि लकड़ा ने कहा कि कार्यशाला में एनीमिया को लेकर दी गई जानकारी को ग्रामीण अपने दैनिक जीवन में अपनाएं. उन्होंने सहायिका,वार्ड सदस्य,स्वास्थ्य कार्यकर्ता और ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव में भ्रमण के दौरान लोगों से खुलकर बातचीत करें और उनकी समस्याओं को समझें. उन्होंने कहा कि जिस तरह पंचायत को टीबी मुक्त करने में सफलता मिली है,उसी तरह सामूहिक प्रयास से पंचायत को एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य भी पूरा किया जा सकता है. 

मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. निशा तिवारी ने तकनीकी जानकारी देते हुए मोटे अनाज के साथ विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी. उन्होंने विशेष रूप से मड़ुआ (रागी),मक्का और दालों को आहार में शामिल करने की बात कही. उन्होंने बताया कि रागी का लड्डू और रोटी सहित विभिन्न रूपों में सेवन किया जा सकता है, जिससे शरीर को आयरन समेत कई पोषक तत्व मिलते हैं. घरों में मशरूम उत्पादन करने का सुझाव देते हुए इसे प्रोटीन का अच्छा स्रोत बताया गया. एनीमिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों पंकज कुमार शर्मा,संजीव कुमार,दीपक शर्मा और विवेक रंजन ने कहा कि केवल दवाओं से अधिक जरूरी दैनिक खान-पान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना है. कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने समूहों द्वारा किए जा रहे स्वरोजगार कार्यों और आय बढ़ने से खान-पान में आए बदलाव की जानकारी साझा की. कार्यशाला के अंत में डॉ. सी.के.शर्मा ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया. कार्यक्रम में मुखिया रश्मि लकड़ा,पूर्व मुखिया बसंत उरांव,वार्ड सदस्य बहालेन बरला,पंचायत समिति सदस्य शांति देवी,ग्राम प्रधान विश्वा प्रधान,महो पहान,जसिंता इंदवार,एएनएम रेखा लकड़ा,सरिता देवी,कलावती देवी,कमला कुमारी,विपिन सिंह समेत सहायिका सहित विकास भारती बिशुनपुर के कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.