न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
इन्द्रदेव/सहरसा: सिमरी बख्तियारपुर के शैनी टोला स्थित एक कंप्यूटर सेंटर में 17 वर्षीय छात्रा रूपा कुमारी की मौत के मामले में उसकी मां रोमा कुमारी ने कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) डॉ. आशीष कुमार से न्याय की गुहार लगाई है। तरियामा पंचायत के वार्ड नंबर-04 निवासी रोमा कुमारी ने DIG को शिकायती आवेदन देकर मामले की जांच किसी वरीय एवं निष्पक्ष पुलिस अधिकारी से कराने तथा आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में मृतका की मां ने आरोप लगाया है कि रूपा 10वीं कक्षा में पढ़ाई के साथ कंप्यूटर कोर्स करती थी। परिजनों के अनुसार, 5 अक्टूबर को संस्थान बंद रहने के बावजूद रूपा को उसकी सहेली संगीता कुमारी के माध्यम से विष्णु झा और मुकेश यादव द्वारा प्रमाणपत्र देने के नाम पर संस्थान बुलाया गया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वहां रूपा के साथ कथित दुष्कर्म किया गया और उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया गया।
परिजनों का दावा है कि बाद में रूपा की तबीयत बिगड़ गई। आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग उसे छोड़कर वहां से चले गए। एंबुलेंस से सहरसा ले जाने के दौरान रूपा ने कथित तौर पर अपने परिजनों को घटना के संबंध में जानकारी दी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका की मां ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए चार प्रमुख बिंदुओं की जांच की मांग की है। इनमें छुट्टी के दिन छात्रा को कंप्यूटर सेंटर बुलाने, घटना के दिन सेंटर के CCTV कैमरे के बंद रहने, कथित जहरीले पदार्थ की व्यवस्था किसने की तथा छात्रा द्वारा आपातकालीन सहायता मांगने के बावजूद तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जैसे सवाल शामिल हैं।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद कंप्यूटर सेंटर संचालित हो रहा है और मृतका के परिजनों को केस वापस लेने के लिए धमकियां दी जा रही हैं। परिजनों ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की भी मांग की है।
मामले में बख्तियारपुर थाना कांड संख्या 300/25 दर्ज होने का उल्लेख आवेदन में किया गया है। परिजनों के अनुसार, मामले में RFSL भागलपुर की टीम द्वारा जांच की जा चुकी है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान का भी उल्लेख है। मृतका की मां ने पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी या विशेष टीम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।