न्यूज़11 भारत
धर्म/डेस्क: नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों थिएटर से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह छाई हुई है. इस फिल्म को देखने के बाद लोगों में नीम करौली बाबा के प्रति श्रद्धा और विश्वास और भी अडिग हो गयी है . नतीजन उत्तराखंड में स्थित बाबा के कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. रोजाना बड़ी संख्या में लोग कैंची धाम पहुंच रहे हैं.
कैंची धाम काफी प्रचलित आध्यात्मिक आश्रम है. विराट कोहली और स्टीव जॉब्स जैसी बड़ी हस्तियां भी इस धाम में आ चुके हैं. प्रचलित होने के करण कैंची धाम को तो अधिकांश लोग जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में नीम करौली बाबा से जुड़े कई अन्य दिव्य धाम भी मौजूद हैं, जिसके बारे में शायद बहुत कम लोगों को ही पता है.
नीब करौरी गांव और साधना गुफा
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का नीब करौरी गांव नीम करौली बाबा की शुरुआती तपोभूमि है. बाबा ने इस गांव में कई सालों तक साधना की और इसी गांव से उन्हें नीम करौली या नीब करौरी बाबा का नाम मिला. इस गांव में बाबा ने एक गुफा में साधाना की थी, वह गुफा आज भी वहां मौजूद है. बताया जाता है कि इस गांव में बाबा ने एक हनुमान मंदिर भी बनाया था, जिसकी मूर्ति बाबा ने खुद अपने हाथों से बनाई थी.
वृंदावन आश्रम, समाधि स्थल
श्रीधाम वृंदावन नीम करौली बाबा के सबसे प्रमुख धामों में से एक है. समाधि लेने से पहले बाबा ने कैंची और वृंदावन धाम में ही समय बिताए हैं. वृंदावन धाम में ही बाबा ने 11 सितंबर 1973 को अपना देह त्याग कर महासमाधि ली थी. इस आश्रम में बाबा की समाधि आज भी मौजूद है और साल भर यहाँ माहौल भक्तिमय रहता है.
बबनिया हनुमान मंदिर
गुजरात के मोरबी जिले के पास बसा बबनिया गांव बाबा की शुरुआती लीलाओं का साक्षी रहा है. अपनी साधना के शुरुआती दिनों में महाराज ने यहां निवास किया और एक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था. इस मंदिर को स्थानीय लोग बेहद चमत्कारी मानते हैं.
हनुमानगढ़, उत्तराखंड
नैनीताल के पास मनोरा हिल्स पर स्थित हनुमानगढ़ मंदिर की स्थापना बाबा ने 1952 में की थी. पहाड़ी की चोटी पर स्थित ये मंदिर अपने शांत और खूबसूरत वातावरण के लिए जाना जाता है. यहां हनुमान जी की 7 फीट ऊंची मूर्ति है.
संकट मोचन हनुमान मंदिर, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल की राजधानी शिमला में स्थित संकट मोचन मंदिर की नींव बाबा ने 1960 के दशक में रखी थी. शिमला के खूबसूरत वातावरण के बीच बने इस मंदिर में मन को सुकून मिलता है.
इसे भी पढ़ें: तीज पर बनने वाले 5 पारंपरिक पकवान, जिनके बिना अधूरा है त्योहार