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रांची/डेस्कः झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) का चुनाव अब 30 जून तक टलता हुआ प्रतीत हो रहा है. बुधवार को आयोजित कमिटी ऑफ मैनेजमेंट (COM) की बैठक में BCCI की संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए इलेक्टोरल अफसर के रूप में रिटायर्ड निर्वाचन आयुक्त एनएन पांडे की नियुक्ति तो कर दी गई, लेकिन ऑडिटेड अकाउंट्स के मुद्दे ने मामला जटिल बना दिया. COM ने सचिव और कोषाध्यक्ष को शीघ्र अकाउंट का ऑडिट कराकर ऑडिटेड अकाउंट्स COM के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. इसके बाद ही वार्षिक आम सभा (AGM) की तिथि 9 दिन के नोटिस पर तय की जाएगी. आयकर विभाग आमतौर पर 30 जून तक TDS क्लियरेंस प्रदान करता है. बिना TDS क्लियरेंस के ऑडिट पूरा करना संभव नहीं, इसलिए यह लगभग तय है कि चुनाव 30 जून के बाद ही होंगे.
BCCI और JSCA के नियमों के अनुसार, 1 मई तक चुनाव कराने की बाध्यता है, और इसे टालने के लिए COM ने इलेक्टोरल अफसर की नियुक्ति की. नियमानुसार, इलेक्टोरल अफसर की नियुक्ति कम से कम 28 दिन पहले की जानी चाहिए, ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब चुनावी AGM की तिथि तय नहीं हुई, तो इलेक्टोरल अफसर की नियुक्ति क्यों की गई? शायद COM को यह डर है कि अगर चुनाव समय पर नहीं होते, तो BCCI कार्रवाई कर सकता है. यही डर हो सकता है कि बगैर निर्णय लिए यह नियुक्ति की गई.
नए सदस्य बनाने को लेकर COM में खींचतान
बुधवार की बैठक में COM के पदाधिकारियों द्वारा 3-3 और अन्य निर्वाचित सदस्यों द्वारा 2-2 नए सदस्य बनाने को लेकर खींचतान की स्थिति बनी. जानकारी के अनुसार, COM के 5 प्रमुख सदस्य नए सदस्यों के नाम और डिमांड ड्राफ्ट जमा कर चुके हैं. कुछ सदस्य अपने परिवारजनों और दोस्तों (कई मामलों में धन देने के बदले) को सदस्य बनाने के लिए अड़ गए, लेकिन यह योजना पूरी नहीं हो पाई. इस स्थिति से कई सदस्य नाराज़ हैं. बैठक में भी COM के कुछ सदस्य नए सदस्यों के फॉर्म और डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे थे.
अखिलेश झा को प्रत्याशियों के चयन के लिए अधिकृत
दूसरी ओर, आयोजित जिला सचिवों की बैठक में सर्वसम्मति से अखिलेश झा को प्रत्याशियों के चयन के लिए अधिकृत किया गया. बैठक में सचिवों के अतिरिक्त अन्य सदस्य भी मौजूद थे, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि गढ़वा के दोनों गुटों के सचिव भी इस बैठक में उपस्थित थे. मंच से दोनों गुटों को आश्वस्त किया गया कि वे मिल बैठकर मुद्दे का समाधान निकालेंगे. एक गुट को अध्यक्ष पद और दूसरे को सचिव पद का वादा किया गया. इस बैठक में यह भी देखा गया कि जमशेदपुर से अखिलेश झा गुट का कोई बड़ा चेहरा शामिल नहीं था.