RINPAS के निदेशक

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, RINPAS के निदेशक पद पर नियुक्ति को लेकर दिए सुझाव

NMC द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करने एवं अत्यंत गंभीर त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. 

By : Ark Sahuliyar
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, RINPAS के निदेशक पद पर नियुक्ति को लेकर दिए सुझाव

न्यूज11 भारत 
रांची/डेस्क:
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान RINPAS के निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित विज्ञापन में NMC द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करने एवं अत्यंत गंभीर त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव देते हुए माँग किया है कि RINPAS में निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित त्रुटिपूर्ण विज्ञापन को तत्काल निरस्त किया जाए एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निदेशक पद नियुक्ति हेतु नई नियमावली को रद्द करते हुए NMC द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु पुनः विज्ञापन निकाला जाय.

यह भी पढ़ें- रिनपास की तत्कालीन निदेशक डॉ ज्योति सिमलाई पर आरोप गठित, 29 जुलाई से होगी गवाही 

 

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.