निगम की कार्यशैली पर सवाल

पूर्व मेयर रमा खलखो ने नगर निगम की कार्यशैली पर उठाए सवाल, कहा- राजधानी को मिल रही निराशा 

रांची नगर निगम की पूर्व मेयर रमा खलखो ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 6 महीने बीत चुके हैं, अब तक न स्टैंडिंग कमिटी का गठन हुआ न निगम की उप समितियों का गठन हुआ.

By : Ark Sahuliyar
पूर्व मेयर रमा खलखो ने नगर निगम की कार्यशैली पर उठाए सवाल, कहा- राजधानी को मिल रही निराशा 

न्यूज11 भारत 
रांची/डेस्क:
रांची नगर निगम की पूर्व मेयर रमा खलखो ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 6 महीने बीत चुके हैं, अब तक न स्टैंडिंग कमिटी का गठन हुआ न निगम की उप समितियों का गठन हुआ. मेयर व डिप्टी मेयर अपनी भूमिका समझ ही नहीं पा रहे हैं. सांसद-विधायकों को बैठक में बुलाया जा रहा है, इनके अनुसार फंड का इस्तेमाल हो रहा है. जबकि निगम का अधिकार है कि वो तय करे कि जनप्रतिनिधियों की राशि का उपयोग कहां होगा. रमा खलखो ने कहा कि हाउस कमजोर है. इसका कई उदाहरण दिख रहा है. पूर्व मेयर ने कहा कि निगम से राजधानी को निराशा मिल रही है. 

यह भी पढ़ें- बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, RINPAS के निदेशक पद पर नियुक्ति को लेकर दिए सुझाव 

 

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.