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रांची/डेस्क: आयरलैंड के खिलाफ दो T-20 मैचों की सीरीज का आज दूसरा मैच खेला जाना है. दूसरे मैच में एक बार क्रिकेट फैंस की उत्सुकता फिर बढ़ गयी है कि क्या आज क्रिकेट की नई सनसनी वैभव सूर्य को मौका मिलेगा कि नहीं. पहले मैच में वैभव को नहीं खिलाने और पहला मैच मैच आयरलैंड से हार जाने की वजह से कप्तान श्रेयस अय्यर आलोचनाओं के केन्द्र में आ गये हैं. वैसे, टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी दुविधा सीरीज बचाने की है. इसलिए यह उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि किया वैभव सूर्यवंशी को टीम में खिलाने का रिस्क लिया जाए या पहले मैच की टीम पर भरोसा किया जाए. भले ही टीम इंडिया पहला मैच हार चुकी है, लेकिन उसकी क्षमता पर संदेह नहीं किया जा सकता है.
अगर आज वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिलता है कि यह निश्चित है कि वह भारतीय सीनियर क्रिकेट टीम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैच खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे. इसी के साथ महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड भी टूट जाएगा. रिकॉर्ड बनना तो अहम है ही, पहले मैच में धुरंधरों के फ्लॉप होने के बाद अगर वैभव सूर्यवंशी को मौके मिलता है तो किस खिलाड़ी पर गाज गिरने वााली है यह देखना भी दिलचस्प होगा.
वैसे क्रिकेट फैंस वैभव को अंतरराष्ट्रीय मैच में खेलते हुए जरूर देखना चाहते हैं. उनका भी मानना है कि आईपीएल 2026 में जब उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है तो उन्हें खेलने का भी मौका मिलना चाहिए. चूंकि आयरलैंड सेकेंड लाइन की टीम है, इस टीम के खिलाफ वैभव को खेलने का मौका दिया जाना चाहिए. क्योंकि आयरलैंड के बाद टीम इंडिया का अगला पड़ाव इंगलैंड है. इंगलिश टीम टी-20 की धुरंधर टीम है, इस हिसाब से आयरलैंड के खिलाफ अगर वैभव अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो इंगलैंड के खिलाफ मैदान में उतारा जा सकता है. अगर आयरलैंड के खिलाफ आज का मैच टीम इंडिया के लिए चुनौतीपूर्ण मैच बन गया तो यह तय है कि वैभव को इंगलैंड के खिलाफ भी खेलने का मौका न मिल पाए.
वैभव सूर्यवंशी आज जब महान बल्लेबाज सचिन तेन्दुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर खड़े हैं तो यह बात भी याद दिलाने लायक है कि अंतरराष्ट्रीय मैच में पदार्पण से पहले युवा सचिन तेन्दुलकर को पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच खेलने का मौका मिला था, जिसमें उन्होंने उस समय के धुरंधर लेग स्पिन गेंदबाज अब्दुल कादिर की लगातार तीन गेंदों पर छक्के जड़े थे. यहीं से सचिन के अंतरराष्ट्रीय मैच में पदार्पण का रास्ता खुल गया था. हो सकता है वैभव सूर्यवंशी के साथ भी ऐसा ही हो.
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