न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित 9 पुलों पर खतरे के संकेत मिलने के बाद पथ निर्माण विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। IIT पटना द्वारा किए जा रहे स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है, जिसमें कई पुलों की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। बताया जा रहा है कि अगवानी घाट पुल हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर पुलों की तकनीकी जांच शुरू कराई थी, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
हाईलाइट्स -
- IIT पटना की ऑडिट रिपोर्ट में बिहार के 9 पुलों की स्थिति चिंताजनक पाई गई।
- मुजफ्फरपुर, गया, लखीसराय और हाजीपुर के कई पुल मरम्मत सूची में शामिल।
- अगवानी घाट हादसे के बाद राज्य सरकार ने शुरू कराया था बड़ा ऑडिट अभियान।
- पथ निर्माण विभाग ने संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर मरम्मत प्रक्रिया तेज की।
85 पुलों का ऑडिट, 47 की रिपोर्ट में सामने आई खामियां
जानकारी के अनुसार राज्य के कुल 85 पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जा रहा है। इनमें से अब तक 47 पुलों की रिपोर्ट सरकार को प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट में 9 पुल ऐसे पाए गए हैं जिन्हें तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण की आवश्यकता बताई गई है। मुजफ्फरपुर, गया, लखीसराय और हाजीपुर के कई पुलों की स्थिति कमजोर पाई गई है। वहीं गंडक नदी पर बना बैरिया-जीरो माइल पुल भी मरम्मत सूची में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों ने कई पुलों में संरचनात्मक कमजोरी, जर्जर हिस्सों और तकनीकी खामियों की ओर संकेत किया है।
मरम्मत कार्य तेज करने की तैयारी, जल्द निकलेगी निविदा
IIT पटना की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। विभागीय स्तर पर क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत और मजबूतीकरण की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही निविदा जारी कर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि जिन पुलों में खतरे के संकेत मिले हैं, वहां सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि आम लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
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