न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
पूजा शर्मा/पटना: गंगा समेत पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से दियारा और नदी किनारे के इलाकों में परेशानी बढ़ने लगी है। बुधवार सुबह छह बजे जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार गंगा के मनेर, दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह में पानी खतरे के निशान से ऊपर है। सभी स्थानों पर जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। फिलहाल शहरी पटना में बाढ़ का पानी नहीं फैला है, लेकिन दियारा व निचले क्षेत्रों में पानी पहुंचने लगा है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 50.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.45 मीटर है। यानी पानी 35 सेंटीमीटर ऊपर है। गांधी घाट पर जलस्तर 49.71 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.11 मीटर अधिक है। मनेर में 52.53 मीटर पानी दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 52 मीटर है। हाथीदह में भी 42.48 मीटर पानी खतरे के निशान 41.76 मीटर से ऊपर है। चारों केंद्रों पर जलस्तर बढ़ रहा है।
दानापुर दियारा के निचले इलाकों में गंगा का पानी फैलने लगा है। दियारा जाने वाले मार्ग पर भी पानी चढ़ गया है। ग्रामीण फिलहाल पलायन नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि दियारा में रहने का उन्हें अनुभव है और अभी स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई है। हालांकि, पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो परेशानी बढ़ सकती है। फिलहाल पशुओं के चारे की व्यवस्था को लेकर ज्यादा दिक्कत बताई जा रही है। बख्तियारपुर के चिरैया रूपस, रूपस महाजी और हरदासपुर दियारा पंचायतों में भी गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे लगातार वृद्धि से ग्रामीणों की चिंता बढ़ी है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछली बार की तुलना में इस बार पानी करीब एक हाथ अधिक बढ़ा हुआ महसूस हो रहा है। लोगों को आशंका है कि वृद्धि जारी रही तो बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। पटना जिले में पुनपुन नदी भी चिंता बढ़ा रही है। श्रीपालपुर में पुनपुन का जलस्तर 52.58 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.60 मीटर है। यहां भी जलस्तर बढ़ रहा है। किंजर में नदी 66.69 मीटर पर है और यहां भी वृद्धि जारी है। धनरुआ क्षेत्र में दरधा और पुनपुन नदी के उफान पर होने की सूचना है। हालांकि कहीं भी तटबंध टूटने की सूचना नहीं है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट में पटना शहरी सुरक्षा दीवार सहित संबंधित तटबंधों को सुरक्षित बताया गया है। दानापुर दियारा समेत संवेदनशील क्षेत्रों में कुछ नावें तैयार रखी गई हैं। एडीएम आपदा डीपी शाही के अनुसार राहत कार्य शुरू करने की आवश्यकता नहीं बताई गई है।