अफरोज आलम/न्यूज11 भारत
समस्तीपुर/डेस्क: संविधान दिवस के अवसर पर बिशनपुर बथुआ पंचायत के दलित बस्ती में एक कार्यक्रम आयोजित की गई.जिसमें दलित समाज से जुड़े सैंकड़ों की संख्या में महिला और पुरूष ने संविधान की शपथ लेते हुए संविधान की रक्षा का प्रण लिया. इस अवसर पर पंचायत के मुखिया आशुतोष चौधरी ने कहा कि आज़ादी मिलने के बाद तत्कालीन सरकार ने देश के संविधान को फिर से परिभाषित करने की ज़रूरत महसूस की और संविधान सभा का गठन किया जिसकी अध्यक्षता डॉ. भीमराव अम्बेडकर को मिली. 26 नवम्बर, 1949 को 211 विद्वानों द्वारा 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन में तैयार देश के संविधान को मंजूरी मिली.
24 जनवरी, 1950 को सभी सांसदों और विधायकों ने इस पर हस्ताक्षर किए. और इसके दो दिन बाद यानी 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू कर दिया गया.इसी तरह पंचायत की सरपंच रीता पासवान ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान निर्माण कर पूरे देश के दलितों को मान और सम्मान देने का काम किया. उन्होंने कहा कि आज दलितों को संविधान के तहत जो हक व हक़ूक मिला है वो हमारे बाबा साहब की देन है. आज दलित समाज का बच्चा पढ़ाई कर सरकारी नौकरी हासिल कर रहा है वो भी हमारे बाबा साहब की देन है. श्रीमती रीता ने कहा कि हमलोग दलितों को संविधान के अनुरूप मिले हुकूक से लोगों में जागरूकता पैदा कर रहे हैं इसलिए दलित बस्ती में संविधान दिवस के अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है उन्होंने कहा कि हर साल संविधान दिवस के अवसर पर दलित बस्ती में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
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