अमन/न्यूज11 भारत
नवादा/डेस्क: बिहार के नवादा में पल्स पोलियो ड्रॉप पिलाने के 14 घंटे बाद एक चार महीने के बच्चे की मौत हो गई. बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि दवा पीने के कारण ही बच्चे की जान गई है. हालांकि, सिविल सर्जन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है.
यह घटना वारसलीगंज प्रखंड के मासनखामा गांव की है. मंटू कुमार के चार माह के पुत्र सिद्धार्थ कुमार को बुधवार को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई थी. 14 घंटे बाद उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने सरकारी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए.
नवादा के सिविल सर्जन डॉ. विनोद चौधरी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि बुधवार को बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस ड्रॉप से सिद्धार्थ को खुराक दी गई थी, उसी से लगभग 12 अन्य बच्चों को भी पोलियो ड्रॉप पिलाई गई थी और वे सभी सुरक्षित हैं.
डॉ. चौधरी ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह बिल्कुल गलत है कि दवा से बच्चे की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि यदि परिवार पोस्टमार्टम करवाता है, तो मौत के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकता है. 14 घंटे बाद लगाए गए आरोप बेबुनियाद और गलत हैं.
सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिले भर में लगातार पोलियो ड्रॉप पिलाई जा रही है और ऐसी कोई शिकायत पहले कभी नहीं आई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जब अन्य सभी बच्चे सुरक्षित हैं, तो बच्चे की मौत का कोई और कारण हो सकता है.
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