न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
सरफराज आलम/लखीसराय: बिहार के लखीसराय में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने केंद्र सरकार और भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया है। शहीद द्वार के पास इकट्ठा हुए सैकड़ों राजद कार्यकर्ताओं ने भारी आक्रोश के बीच एक विशाल जुलूस निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर उनका पुतला दहन किया।
राजद नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाते हुए वर्तमान चुनावी प्रक्रियाओं को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है।
लखीसराय की सड़कों पर उतरा कार्यकर्ताओं का हुजूम
लखीसराय के प्रसिद्ध शहीद द्वार के समीप राजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम सागर चौधरी के नेतृत्व में नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा हुआ। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रतीकात्मक अर्थी के साथ पूरे इलाके में विरोध मार्च निकाला और व्यस्त चौराहे पर पुतला फूंककर अपना आक्रोश प्रकट किया।
RJD का तीखा हमला: "लोकतंत्र पर डाका डाला गया"
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राजद उपाध्यक्ष प्रेम सागर चौधरी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और मिलीभगत से जनता के जनादेश को बदला जा रहा है।
राजद नेताओं की 3 मुख्य मांगें:
चुनाव तुरंत रद्द हों: बिहार और बंगाल में हुई/प्रस्तावित चुनावी प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव: पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराकर नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव आयोजित कराए जाएं।
CEC पर कड़ी कार्रवाई: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाकर तुरंत गिरफ्तार किया जाए और जेल भेजा जाए।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होगी, RJD का यह आंदोलन सड़कों से लेकर संसद तक जारी रहेगा।