न्यूज 11 भारत
रांची/डेस्क: गुरुवार (3 अप्रैल) को बोकारो में बीएसएल में नियोजन की मांग को लेकर हुए लाठीचार्ज में युवक प्रेम महतो की मृत्यु के बाद शुक्रवार यानी आज बोकारो बंद का ऐलान किया गया है. जेएलकेएम के नेता जयराम महतो ने इस बंद की घोषणा की. बंद को JLKM, आजसू और बीजेपी का भी समर्थन मिला हैं.
श्वेता सिंह और जयराम महतो में हुआ था टकराव
गुरुवार को युवक की मौत के बाद जब जयराम महतो बोकारो पहुंचे, तो स्थानीय विधायक श्वेता सिंह के साथ उनका टकराव हुआ. दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए, जिससे जयराम महतो की स्कार्पियो का बोर्ड टूट गया. श्वेता सिंह और उनके समर्थकों का कहना था कि यह उनका विधानसभा क्षेत्र नहीं है और उन्हें यहां राजनीति नहीं करनी चाहिए, जबकि जयराम महतो ने कहा कि वह जेएलकेएम के प्रमुख के रूप में यहां आए हैं और लोकसभा चुनाव में उन्हें बोकारो से 40 हजार वोट मिले थे, इसलिए वह लोगों के दुख में शामिल होने आए हैं.
जयराम महतो और श्वेता ने बीएसएल प्रबंधन के खिलाफ एक सशक्त आंदोलन की शुरुआत की हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्थापितों के रोजगार की मांग को लेकर अब और अधिक सक्रियता से संघर्ष करना आवश्यक है. बीएसएल ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर आकर लाठीचार्ज किया, जिससे विस्थापितों के साथ अन्याय हुआ है. इस बीच, सीआईएसएस के डीआईजी ने लाठीचार्ज के संदर्भ में कहा कि युवक की मृत्यु भगदड़ के दौरान हुई, जबकि विस्थापित बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहे थे. युवक की मौत ने जिले में राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है.
बता दें कि बोकारो स्टील प्लांट के लिए भूमि प्रदान करने वाले 1500 बेरोजगार युवाओं को पिछले एक दशक में बोकारो स्टील द्वारा अप्रेंटिसशिप का अवसर दिया गया. इस प्रक्रिया के दौरान लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई. लिखित समझौते में कई बार बोकारो स्टील में रोजगार की बात की गई थी. प्रबंधन द्वारा बार-बार किए गए वादों के उल्लंघन के खिलाफ यूनियन के सदस्यों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया और उनकी मांग है कि बोकारो स्टील उन्हें ऑफर लेटर प्रदान करें.