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रांची/डेस्क: एक बार फिर ईडी एक्शन मोड में आ गई है. राजधानी रांची के मल्टीपल लोकेशन पर कार्रवाई करते हुए ईडी ने दबिश दी हैं. रांची के कई जगहों पर एक साथ ईडी की छापेमारी चल रही हैं. आज, अहले सुबह से ही ईडी की टीम रांची के इन मल्टीपल लोकेशन पहुंची हैं. इसमें रांची के मोरहाबादी समेत बरियातू, अशोकनगर, पीपी कंपाउंड, लालपुर समेत करीब एक दर्जन ठिकाना शामिल हैं. फिलहाल, रेड से जुड़ी कोई जानकारी एजेंसी की तरफ से साझा नहीं की गई हैं.
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि पूरा मामला हेल्थ से जुड़ा हो सकता है. आयुष्मान योजना में हुए फर्जीवाड़े को लेकर ये दबिश दी गई है. जिसका दौरा न सिर्फ रांची बल्कि दिल्ली, यूपी और बंगाल तक फैला हुआ है. पूरा मामला आयुष्मान फर्जीवाड़े से जुड़ा है जिसे लेकर ही ईडी के अधिकारी मामले की जांच को लेकर रेड कर रहे हैं.
अबतक इन जगहों पर दिख रही ईडी की दबिश
रांची में अबतक कई ठिकानों पर ईडी की दबिश दिखाई दे रही हैं. बता दें कि सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज किया था. मामले में सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने एसीआईआर की कार्रवाई की जा रही हैं. आयुष्मान भारत से जुड़े मामले को लेकर रांची में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही हैं.
-रांची के बरियातू रोड स्थित श्याम इंक्लेव में रहने वाले सुजीत यादव के ठिकाने पर ईडी की कारवाई
-पी पी कंपाउंड के दो ठिकाने MD इंडिया इंसोरेंस कंपनी के दफ्तर सहित शेट्टी कॉर्पोरेट के ठिकाने पर ईडी की दबिश
-रांची के मोरहाबादी स्थित ललिता आर्किड अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर 406 में छापेमारी
-आसी गार्डेन C ब्लॉक दिनकर नगर हटिया में भी ईडी की दबिश
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के PA रहे गु्ड्डू सिंह के ठिकानों पर ईडी रेड
वहीं, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आप्त सचिव के ठिकानों पर भी ईडी ने छापा मारा है. आयुष्मान भारत योजना घोटाले में यह कार्रवाई की जा रही हैं. छापेमारी के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया हैं.
आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा है मामला
बता दें कि अगस्त 2023 को लोकसभा में पेश की गई सीएजी की रिपोर्ट में आयुष्मान में भारी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था. इनमें राजधानी रांची के नौ अस्पताल सहित विभिन्न जिलों के 212 अस्पताल शामिल थे. ये अस्पताल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा कर सरकार को चूना लगा रहा था. सरकार द्वारा किए गए विभिन्न स्तर की जांच में इन अस्पतालों का फर्जीवाड़ा का पता चला. पैसे लेकर आयुष्मान लाभुकों का इलाज करने से लेकर मरीज को भर्ती किए बिना ही आयुष्मान के तहत भुगतान ले लेने की भी शिकायत मिली थी.
इस मामले को लेकर सरकार द्वारा संचालित 104 सेवा व अन्य जांच तंत्र के द्वारा इन अस्पताल संचालकों द्वारा बताए गए मरीजों से बात कर उनके इलाज की जानकारी ली गई तो सभी फर्जीवाड़े का पता चला कि अस्पतालों का भुगतान तो रोक दिया गया. वही 78 अस्पतालों को गड़बड़ी करने के आरोप में आयुष्मान की सूची से हटा दिया गया था. जबकि 89 अस्पतालों से करीब एक करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया. 250 से ज्यादा अस्पातलों को को शो-काज भी किया गया था. और एक अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
ईडी ने कहा, "ईडी की जांच से पता चलता है कि आयुष्मान भारत योजना के भीतर व्यवस्थित धोखाधड़ी के माध्यम से अपराध की आय उत्पन्न हुई थी, जिसमें अस्पताल के पैनल में हेरफेर और कमीशन/किकबैक की मांग करने वाले सांठगांठ द्वारा फर्जी दावों की प्रक्रिया शामिल थी."
बताते चले कि आयुष्मान भारत योजना में जालसाजी का मामला प्रकाश में आने के बाद ईडी ने भी अगस्त 2023 में स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिख कर इससे संबंधित ब्योरा मांगा था. ईडी ने जानना चाहा था कि झारखंड सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा किए गए कितने फर्जी दावों को पकड़ा है. वहीं, जालसाजी करनेवाले अस्पतालों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी सहित की गई अन्य कार्रवाइयों की जानकारी मांगी थी. और इसके जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सात जिलों के 13 अस्पतालों की सूची ईडी को उपलब्ध कराई गई थी. इन अस्पतालों पर 500 से अधिक फर्जी दावे करने सहित अन्य प्रकार की जालसाजी का भी आरोप लगा है.
