न्यूज 11 भारत
रांची/डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नीतियों को लेकर विपक्ष द्वारा लगातार झूठ और भ्रामक प्रचार किया जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की द्वारा दिए गए बयान पर गहरी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने भाजपा पर अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है. यह बयान तथ्यों से परे और भ्रामक है, जो समाज में अनावश्यक भय और भ्रम फैलाने का प्रयास करता है.
राफिया ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस आदिवासी समुदाय के हितों की बात कर रही है जो हास्यपद है क्यूंकि कांग्रेस ने तो एक आदीवासी बेटी जो देश के सर्वोच्च पद पर बैठी है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने के ख़िलाफ़ थे और कई अब शब्द कहने से भी पीछे नहीं रहे थे. इसके अलावा, झारखंड में पेसा कानून (PESA Act) अभी तक लागू नहीं किया गया है, जिससे आदिवासी समुदाय को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है. साथ ही, कांग्रेस पार्टी सरना धर्म कोड की बात करती है, जबकि केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार ने इसके खिलाफ निर्णय लिए थे, लागू करने में भी विफल रही है, यह जग जाहिर है. यहाँ तक कांग्रेस आज उस पार्टी (RJD) से हाथ मिला कर बैठी है जिसके प्रमुख झारखंड अलग राज्य के विरोध में थे और कहा करते थे कि झारखंड मेरी लाश पर बनेगा. यहाँ तक रांची सीरम टोली स्थित सरना स्थल की समस्याओं का समाधान भी कांग्रेस से नहीं हो पा रहा .
राफिया ने कांग्रेस से सवाल किया कि जब 1994,1995 और 2013 मे कांग्रेस द्वारा 3 बार वक़्फ़ बोर्ड का संशोधन किया तब क्या ये लोकतंत्र या अल्पसंख्यक विरोधी नहीं था? भाजपा सरकार चाहती है कि वक्फ बोर्ड संसोधन के द्वारा कि वक्फ संपत्ति को भू-माफियाओं और लुटेरों के चंगुल से मुक्त हो और गरीब मुसलमानों के हित में इस्तेमाल हो. लेकिन कुछ लोग इसे गरीब मुसलमानों के हित में इस्तेमाल करने की बजाय भू-माफियाओं की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं. यह दुखद है,कांग्रेस को गरीब मुसलमानों की चिंता करनी चाहिए.
राफिया ने कांग्रेस से सवाल किया कि भाजपा (NDA) की सरकार में 25 July 2022 को एक अल्पसंख्यक समाज से आने वाले मिसाइल मैन APJ अब्दुल कलाम को देश के सर्वोच्च पद पर बैठाया और राष्ट्रपति बनाया गया. 60 साल देश में कांग्रेस की सरकार रही, क्या आज तक कभी भी कांग्रेस ने किसी भी मुसलमान भाई को राष्ट्रपति बनाया? उन्होंने कहा जो विधेयक लाया जा रहा है वह सच्चर समिति की रिपोर्ट (जिसमें सुधार की बात कही गई थी) पर आधारित है, जिसे कांग्रेस ने बनाया था. इस विधेयक से किसी भी धार्मिक संस्था की स्वतंत्रता में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. किसी के अधिकार छीनने की बात तो भूल ही जाइए.
राफिया ने कहा यह विधेयक रिफार्म के लिए है, रिवोल्ट के लिए नहीं. यह बिल गरीब मुस्लिमों और महिलाओं के अधिकारों को भी सुनिश्चित करेगा. उन्होंने कहा आज देश में करीब 8 लाख एकड़ वक्फ संपत्ति है, जिसका मूल्य 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. लेकिन यह दुख की बात है कि इन संपत्तियों का एक बड़ा हिस्सा विवादों और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है. कई राज्यों में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अवैध कब्जे और लूट-खसोट की घटनाएं सामने आई हैं. भाजपा सरकार इस लूट को रोकना चाहती है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग समाज के हित में हो, न कि कुछ भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों की जेब भरने के लिए.
इस संशोधन के तहत, सरकार वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए डिजिटलीकरण को बढ़ावा दे रही है. साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी संपत्ति अवैध रूप से किसी अन्य संस्था के पास न चली जाए. राफिया नाज ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदायों को वक्फ संशोधन विधेयक के संबंध में भ्रामक जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास कर रही है.
राफिया ने कहा भाजपा सरकार हमेशा से आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए काम करती रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की नीति अपनाई है. आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई हैं जैसे ग़रीब नमाज़ योजना, उस्ताद योजना, उज्ज्वल योजना, आयुष्मान भारत, मंज़िल योजना, वन धन योजना, अनुसूचित जनजाति प्रशिक्षण योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना इत्यादि के साथ सामान्य योजनाओं से भी उन्हें कभी वंचित नहीं रखा गया है .
राफिया ने अल्पसंख्यक समुदाय से अपील की के वह विपक्ष के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और सच्चाई को समझें. भाजपा सरकार सबके विकास के लिए काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी और आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी यह चाहते है कि हर घर से APJ अब्दुल कलाम निकले. उन्होंने कहा अपने वोट बैंक के लिए है कांग्रेस अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदायों को गुमराह करने से बजाए समाज में सौहार्द और एकता बनाए रखने में सहयोग करे. भाजपा सरकार का लक्ष्य सभी नागरिकों के कल्याण और विकास के लिए कार्य करना है, और इस दिशा में वह निरंतर प्रयासरत है.