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रांची/डेस्क: सुप्रीम कोर्ट से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है. देश की सर्वोच्च अदालत ने उम्रकैद की सजा काट रहे एक 105 वर्षीय बुजुर्ग कैदी को सालों के इंतेजार के बाद रिहाई दे दी है. कैदी वर्ष 1994 में एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था.
कौन है रसिक चन्द्र मंडल
रसिक चन्द्र मंडल का जन्म 1920 में बंगाल के मालदा में हुआ था. 1994 में एक हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद साल 2020 में उन्होंने अंतरिम जमानत के लिए आवेदन दिया था. जिसके बाद साल 2024 में उन्हें पैरोल दी गई. अब मामले की सुनवाई करते हुए CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने रसिक चन्द्र मंडल के उम्र का ख्याल रखते हुए अंतरिम रिहाई को जेल से 'समय से पहले रिहाई' में बदल दिया.
1994 में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले व्यक्ति ने अपनी जिंदगी के 100 से ज्यादा साल पूरे कर लिए हैं. उनकी उम्र इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात रही. सुप्रीम कोर्ट ने भी हैरानी जताई कि 1920 में जन्मा व्यक्ति आज भी ज़िंदा है और अपने मामले की सुनवाई के लिए अपने वकीलों को निर्देश भी दे रहा है.
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