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रांची/डेस्क: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 रद्द होने के बाद देश में हड़कम्प मचा हुआ है. पेपर लीक होने के बाद यह परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने केंद्रीय एजेंसियों की सूचना के बाद 3 मई को हुई परीक्षा को रद्द कर दिया. परीक्षा रद्द होने के बाद पेपर लीक करने वालों के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है. पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सुपुर्द कर दी गयी है.
अब तक देश के अनेक हिस्सों में 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने मंगलवार को 2 लोगों को दबोचा है, इनमें से एक पेपर लीक का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. जयपुर से जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके नाम मनीष यादव और राकेश मंडावरिया हैं. इन दोनों ने ही प्रश्न-पत्र को प्रसारित करने का काम किया था.
पेपर लीक मामले में राजस्थान के सीकर और झुंझनू तथा उत्तराखंड के देहरादून से अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और इनसे पूछताछ जारी है. जानकारी के अनुसार, प्रश्न पत्र सीकर के छात्रों को 1 मई को ही मिल गये थे. जिनमें से 120 से 140 प्रश्न 3 मई को हुई NEET परीक्षा में हूबहू आए थे.
आरोपियों से पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे हो चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक शुभम खैरनार का नाम सामने आया है. बताया जा रहा है कि उसने 10 लाख रुपये में टेलीग्राम के माध्यम से 'गेस पेपर' खरीदा था और फिर उसे हरियाणा स्थित एक खरीदार को बेचा था. सीबीआई की टीम ने खैरनार को गिरफ्तार करने नासिक पहुंची थी.
बता दें कि यह परीक्षा अब दोबारा होगी. परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गयी है. एनटीए ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा के लिए नए पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी और नही कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा. साथ ही परीक्षा केंद्र भी नहीं बदले जाएंगे. दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए नए प्रवेश-पत्र जारी किए जाएंगे.